अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَوْحٍ (लौह): वह तख्ता या पट्टी जिस पर लिखा जाता है।
- مَّحْفُوظٍ (महफ़ूज़): सुरक्षित रखा हुआ, हर प्रकार के परिवर्तन, कमी, ज़्यादती, मिलावट और तब्दीली से बचाया हुआ।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस महान क़ुरआन की महिमा और उसकी उच्च स्थिति को बयान करती है, जिसे झुठलाने वालों ने जादू और शायरी का आरोप लगाया था। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह क़ुरआन कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि एक अज़ीम और करीम क़ुरआन है, जो "लौह-ए-महफ़ूज़" (सुरक्षित तख्ते) में दर्ज है। यह वह लौह है जो अल्लाह के पास है, जो हर प्रकार की तब्दीली, तहरीफ़, कमी और ज़्यादती से महफ़ूज़ है। न तो इंसानों की कोई ताक़त इसमें कोई फेरबदल कर सकती है और न ही शैतान की कोई साज़िश इसे छू सकती है। यह किताब अपने मूल रूप में अल्लाह के हिफ़ाज़त में सुरक्षित है, और यही इसकी सच्चाई और अज़मत की सबसे बड़ी गवाही है।
दावती पहलू:
यह आयत हर मुसलमान के दिल में यह यक़ीन पैदा करती है कि क़ुरआन अल्लाह की आख़िरी और सबसे मुकम्मल किताब है, जो हर तरह की मिलावट से पाक और महफ़ूज़ है। यह हमारे लिए सबसे बड़ी नेमत है कि हमारे पास वह कलाम है जिसकी हर आयत, हर हर्फ़ अल्लाह की हिफ़ाज़त में है। आज दुनिया की तमाम किताबें तब्दीलियों का शिकार हुईं, लेकिन क़ुरआन आज भी उसी रूप में मौजूद है जिस रूप में उतरा था। यह हमारे लिए गर्व की बात है और हमें चाहिए कि इस किताब को पढ़ें, समझें और इस पर अमल करें। जो किताब अल्लाह के पास लौह-ए-महफ़ूज़ में सुरक्षित है, उस पर अमल करना ही हमारी कामयाबी की कुंजी है। यह क़ुरआन हमें सीधे रास्ते की तरफ़ बुलाता है और इस पर अमल करने वाले को दुनिया और आख़िरत दोनों में इज़्ज़त और कामयाबी मिलेगी।
📜 आयत 20-22 — अल-बुरूज
अनुवाद — अल-बुरूज 22
सूरा अल-बुरूज आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो लौहे महफूज़ में लिखा हुआ हैसूरा आयत 22/22 — अल-बुरूज البروج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बुरूज सुनें, अल-बुरूज अनुवाद, अल-बुरूज mp3, अल-बुरूज pdf. आयत 20–22. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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