Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَرْضَىٰ: प्रसन्न होना, संतुष्ट होना।
व्याख्या:
इस आयत में अल्लाह तआला अपने उन नेक बंदों के बारे में बता रहा है जो परहेज़गार हैं, जो अपना माल अल्लाह की राह में खर्च करते हैं, सिर्फ अल्लाह की रज़ा और उसके करीब होने की चाहत में, न कि किसी एहसान का बदला चुकाने के लिए। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने वादा किया है कि वे जल्द ही उस इनाम और कृपा से प्रसन्न हो जाएँगे जो अल्लाह उन्हें आख़िरत में देगा। यह ख़ुशी और संतुष्टि उनके धैर्य, त्याग और ईमान का फल होगी।
यह आयत मोमिनों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है — कि अल्लाह उन्हें ऐसा इनाम देगा जिससे वे पूरी तरह राज़ी और खुश हो जाएँगे। यह उन लोगों के लिए एक प्रोत्साहन है जो अल्लाह की राह में अपना माल, समय और जीवन खर्च करते हैं, कि उनका कोई काम रायगाँ नहीं जाएगा। अल्लाह उन्हें जन्नत में ऐसी नेमतें देगा जिनकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। यही सच्ची सफलता है — जब बंदा अल्लाह से राज़ी हो और अल्लाह बंदे से राज़ी हो। यह वादा हर उस इंसान के लिए है जो नेकी अपनाए, बुराई से बचे और अल्लाह की रज़ा को अपनी सबसे बड़ी मंज़िल बनाए।
📜 आयत 19-21 — सूरा अल-लैल
अनुवाद — अल-लैल 21
सूरा अल-लैल आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह अनक़रीब भी ख़ुश हो जाएगासूरा आयत 21/21 — सूरा अल-लैल الليل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-लैल सुनें, सूरा अल-लैल अनुवाद, सूरा अल-लैल mp3, सूरा अल-लैल pdf. आयत 19–21. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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