Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- إِنَّ إِلَىٰ رَبِّكَ — निस्संदेह तुम्हारे रब की ओर
- الرُّجْعَىٰ — लौटना, वापस जाना
विस्तृत तफ़सीर:
यह आयत एक अत्यंत महत्वपूर्ण सत्य को स्पष्ट करती है कि इस दुनिया में चाहे इंसान कितना भी शक्तिशाली, धनवान या सत्ताधारी क्यों न बन जाए, उसे अंततः अपने रब की ओर ही लौटकर जाना है। यह संसार कोई स्थायी ठिकाना नहीं, बल्कि एक अस्थायी पड़ाव है, जहाँ से हर व्यक्ति को एक दिन कूच करना है।
जब इंसान धन-दौलत और सत्ता के नशे में चूर हो जाता है, तो वह अपनी सीमाएँ भूल जाता है और अल्लाह के आदेशों की अवहेलना करने लगता है। वह सोचता है कि उसके पास सब कुछ है और वह किसी के आगे जवाबदेह नहीं है। लेकिन यह आयत उसे याद दिलाती है कि यह सोच पूरी तरह गलत है। उसका यह घमंड और अहंकार क्षणभंगुर है।
क़यामत के दिन हर इंसान — चाहे वह राजा हो या रंक, अमीर हो या ग़रीब — अपने रब के सामने खड़ा होगा और उसके हर अच्छे और बुरे कर्म का हिसाब देना होगा। अल्लाह न्यायपूर्ण है, वह किसी पर ज़ुल्म नहीं करेगा, बल्कि हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार पूरा-पूरा बदला देगा। जिसने अच्छे कर्म किए होंगे, उसे अच्छा बदला मिलेगा, और जिसने बुरे कर्म किए होंगे, उसे उसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है — कि हमें अपने जीवन में कभी घमंड नहीं करना चाहिए, चाहे हमें कितनी भी सफलता या समृद्धि क्यों न मिले। हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि हमारा असली ठिकाना अल्लाह के पास है, और वहाँ जाकर हमें अपने हर काम का हिसाब देना है। यही विश्वास इंसान को नेक रास्ते पर चलने की ताकत देता है और उसे बुराई से बचाता है।
इस आयत में हमारे लिए एक सुंदर संदेश भी है — कि यह जीवन एक परीक्षा है, और हमें इस परीक्षा में सफल होने के लिए अल्लाह की राह पर चलना चाहिए। जो लोग अल्लाह की याद से ग़ाफ़िल हो जाते हैं और अपने कर्मों में लापरवाही करते हैं, वे बड़े नुक़सान में रहेंगे। लेकिन जो लोग अपने रब की ओर लौटने की तैयारी करते हैं, वे सच्चे कामयाब हैं। अल्लाह हम सभी को यह तौफ़ीक़ दे कि हम अपने जीवन को उसकी रज़ा के अनुसार बनाएँ और उसकी ओर लौटने की अच्छी तैयारी करें। आमीन।
📜 आयत 6-10 — सूरा अल-अलक
अनुवाद — अल-अलक 8
सूरा अल-अलक आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक तुम्हारे परवरदिगार की तरफ (सबको) पलटना हैसूरा आयत 8/19 — सूरा अल-अलक العلق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अलक सुनें, सूरा अल-अलक अनुवाद, सूरा अल-अलक mp3, सूरा अल-अलक pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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