अल-कौसर · 1/3
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-कौसर
إِنَّا أَعْطَيْنَاكَ الْكَوْثَرَ ۝١
Innaa a`taina kal kauthar
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) हमनें तुमको को कौसर अता किया,

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • إِنَّا: बेशक हम (अल्लाह)
  • أَعْطَيْنَاكَ: हमने आपको (ऐ नबी) अता किया
  • الْكَوْثَرَ: खैर-ओ-बरकत वाली चीज़, बहुत सारा खैर, और जन्नत की एक नहर (नदी) का नाम

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! अल्लाह तआला आपसे फ़रमा रहा है कि हमने आपको अल-कौसर अता किया है। यह शब्द अपने भीतर बहुत बड़ी बरकत और खैर समेटे हुए है। अल-कौसर से मुराद बेशुमार खैर है जो आपको दुनिया और आख़िरत दोनों में दी गई है, और इसमें जन्नत की वह नहर भी शामिल है जो अल्लाह ने आपको ख़ास तौर पर अता की है।

यह नहर जन्नत में है, जिसके किनारे खोखले मोती (लूलू) के ख़ेमे लगे हुए हैं, और उसकी मिट्टी कस्तूरी की है। इसका पानी दूध से भी सफ़ेद और शहद से भी मीठा है। जो भी इस नहर से पीएगा, वह कभी प्यासा नहीं होगा। यह नहर आपकी उम्मत के लिए भी अल्लाह की तरफ से एक बड़ा इनाम और सम्मान है।

यह आयत उस वक़्त उतरी जब कुछ मुशरिकीन आपका मज़ाक उड़ा रहे थे और कह रहे थे कि यह शख्स बेऔलाद है और उसकी नस्ल खत्म हो जाएगी। अल्लाह ने इस आयत के ज़रिए आपको वह खैर अता करने की खबर दी जो दुनिया की हर चीज़ से बेहतर है — यानी अल-कौसर।

दावती पहलू:

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ पर अपनी बेपनाह मेहरबानी का इज़हार कर रहा है। यह हमारे लिए भी खुशखबरी है कि जो अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाए और नेक अमल करे, उसके लिए भी जन्नत में ऐसी ही नेअमतें मौजूद हैं। अल-कौसर सिर्फ नबी ﷺ के लिए नहीं, बल्कि आपकी उम्मत के नेक बंदों के लिए भी अल्लाह ने जन्नत में ऐसी चीज़ें तैयार की हैं जिनका कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को कभी नाकाम नहीं करता। चाहे दुनिया में लोग कुछ भी कहें या सोचें, अल्लाह की अता और इनाम का कोई मुकाबला नहीं। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के दिए हुए हर इनाम पर शुक्र अदा करें और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक गुज़ारें, ताकि हम भी उस खैर-ओ-बरकत के हक़दार बन सकें जो अल्लाह ने अपने नबी ﷺ और उनकी उम्मत के लिए तैयार की है।

अल्लाह हमें अमल की तौफीक दे। आमीन।



📜 आयत 1-3 — सूरा अल-कौसर

1إِنَّا أَعْطَيْنَاكَ الْكَوْثَرَ
(ऐ रसूल) हमनें तुमको को कौसर अता किया,
2فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَانْحَرْ
तो तुम अपने परवरदिगार की नमाज़ पढ़ा करो
3إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ الْأَبْتَرُ
और क़ुर्बानी दिया करो बेशक तुम्हारा दुश्मन बे औलाद रहेगा
अल-कौसरकुरान सूची
3आयत
मक्कीअवतरण स्थान
1आयत

अनुवाद — अल-कौसर 1

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Saturday, October 3, 2026

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