हूद · 7/123
अनुवाद उच्चारण — हूद
وَهُوَ الَّذِي خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ فِي سِتَّةِ أَيَّامٍ وَكَانَ عَرْشُهُ عَلَى الْمَاءِ لِيَبْلُوَكُمْ أَيُّكُمْ أَحْسَنُ عَمَلًا ۗ وَلَئِن قُلْتَ إِنَّكُم مَّبْعُوثُونَ مِن بَعْدِ الْمَوْتِ لَيَقُولَنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا إِنْ هَٰذَا إِلَّا سِحْرٌ مُّبِينٌ ۝٧
Wa Huwal lazee khalaqas samaawaati wal alrda fee sittati aiyaaminw wa kaana `Arshuhoo alal maaa`i liyablu wakum aiyukum ahsanu `amalaa; wa la`in qulta innakum mab`oosoona mim ba`dil mawti la yaqoolanal lazeena kafaroo in haazaaa illaa sihrum mubeen
📖 हिंदी अर्थ
और वह तो वही (क़ादिरे मुत्तलिक़) है जिसने आसमानों और ज़मीन को 6 दिन में पैदा किया और (उस वक्त) उसका अर्श (फलक नहुम) पानी पर था (उसने आसमान व ज़मीन) इस ग़रज़ से बनाया ताकि तुम लोगों को आज़माए कि तुममे ज्यादा अच्छी कार गुज़ारी वाला कौन है और (ऐ रसूल) अगर तुम (उनसे) कहोगे कि मरने के बाद तुम सबके सब दोबारा (क़ब्रों से) उठाए जाओगे तो काफ़िर लोग ज़रुर कह बैठेगें कि ये तो बस खुला हुआ जादू है
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • अर्श: अल्लाह का सिंहासन, जो उसकी महानता और शक्ति के अनुरूप है।
  • लियब्लुवकुम: ताकि वह तुम्हारी परीक्षा ले।
  • अहसनु अमला: सबसे अच्छा कर्म, यानी वह कर्म जो अल्लाह के लिए शुद्ध हो और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की सुन्नत के अनुरूप हो।
  • सिह्रुन मुबीन: स्पष्ट जादू।

तफसीर (व्याख्या):

यह अल्लाह ही है जिसने आकाशों और धरती को छह दिनों में पैदा किया, जबकि उसका अर्श (सिंहासन) उससे पहले पानी पर था। यह उसकी असीम शक्ति का प्रमाण है कि उसने इतनी विशाल और महान रचनाओं को एक निश्चित अवधि में बनाया। इस सृष्टि को बनाने का उद्देश्य केवल खेल या मनोरंजन नहीं था, बल्कि इसका एक गंभीर और बुद्धिमानी भरा मकसद था—ताकि वह तुम लोगों की परीक्षा ले कि तुममें से कौन सबसे अच्छे कर्म करता है। सबसे अच्छा कर्म वही है जो अल्लाह की रज़ा के लिए किया जाए और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के तरीके के अनुरूप हो, न कि वह जो दिखावे या दुनिया के लिए हो।

फिर अल्लाह अपने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से कहता है: ऐ रसूल! अगर तुम इन मुशरिकों से कहो कि तुम मरने के बाद दोबारा उठाए जाओगे और अपने कर्मों का हिसाब दोगे, तो ये काफिर तुरंत तुम्हारी बात को झुठलाते हुए कहेंगे: "यह (कुरआन) तो सिर्फ साफ जादू है।" वे इस बात को समझने से इनकार करते हैं कि मौत के बाद भी जीवन है, और इसलिए वे सच्चाई को जादू और धोखा कहते हैं, जबकि यह सच्चाई उनके लिए स्पष्ट है।

फायदे (शिक्षाएँ):

  1. अल्लाह की कुदरत (शक्ति) की महानता पर गौर करना चाहिए—उसने बिना किसी सहारे के आकाश और धरती को बनाया, और यह उसकी क्षमता का प्रमाण है कि वह मृतकों को भी दोबारा जीवित कर सकता है।
  2. इस दुनिया की ज़िंदगी एक इम्तिहान (परीक्षा) की जगह है, और हर इंसान को अपने कर्मों के बारे में सोचना चाहिए कि क्या वे अल्लाह की रज़ा के अनुरूप हैं।
  3. अच्छे कर्म की पहचान यह है कि वह अल्लाह के लिए शुद्ध हो और रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की सुन्नत के मुताबिक हो—यही सफलता की कुंजी है।
  4. काफिरों का कुरआन को जादू कहना उनकी हठधर्मिता और सच्चाई से दूर होने का सबूत है, और यह हमें सिखाता है कि सच्चाई पर साबित क़दम रहना चाहिए, चाहे लोग उसका मज़ाक उड़ाएँ या उसे जादू कहें।
  5. यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि अल्लाह का इंसाफ़ (न्याय) पूर्ण है—वह हर किसी को उसके कर्मों का बदला देगा, इसलिए हमें अपने जीवन को अच्छे कर्मों से भरना चाहिए।
🎧 सुनें

📜 आयत 5-9 — हूद

5أَلَا إِنَّهُمْ يَثْنُونَ صُدُورَهُمْ لِيَسْتَخْفُوا مِنْهُ ۚ أَلَا حِينَ يَسْتَغْشُونَ ثِيَابَهُمْ يَعْلَمُ مَا يُسِرُّونَ وَمَا يُعْلِنُونَ ۚ إِنَّهُ عَلِيمٌ بِذَاتِ الصُّدُورِ
(ऐ रसूल) देखो ये कुफ़्फ़ार (तुम्हारी अदावत में) अपने सीनों को (गोया) दोहरा किए डालते हैं ताकि ख़ुदा से (अपनी बातों को) छिपाए रहें (मगर) देखो जब ये लोग अपने कपड़े ख़ूब लपेटते हैं (तब भी तो) ख़ुदा (उनकी बातों को) जानता है जो छिपाकर करते हैं और खुल्लम खुल्ला करते हैं इसमें शक़ नहीं कि वह सीनों के भेद तक को खूब जानता है
6۞ وَمَا مِن دَابَّةٍ فِي الْأَرْضِ إِلَّا عَلَى اللَّهِ رِزْقُهَا وَيَعْلَمُ مُسْتَقَرَّهَا وَمُسْتَوْدَعَهَا ۚ كُلٌّ فِي كِتَابٍ مُّبِينٍ
और ज़मीन पर चलने वालों में कोई ऐसा नहीं जिसकी रोज़ी ख़ुदा के ज़िम्मे न हो और ख़ुदा उनके ठिकाने और (मरने के बाद) उनके सौपे जाने की जगह (क़ब्र) को भी जानता है सब कुछ रौशन किताब (लौहे महफूज़) में मौजूद है
7وَهُوَ الَّذِي خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ فِي سِتَّةِ أَيَّامٍ وَكَانَ عَرْشُهُ عَلَى الْمَاءِ لِيَبْلُوَكُمْ أَيُّكُمْ أَحْسَنُ عَمَلًا ۗ وَلَئِن قُلْتَ إِنَّكُم مَّبْعُوثُونَ مِن بَعْدِ الْمَوْتِ لَيَقُولَنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا إِنْ هَٰذَا إِلَّا سِحْرٌ مُّبِينٌ
और वह तो वही (क़ादिरे मुत्तलिक़) है जिसने आसमानों और ज़मीन को 6 दिन में पैदा किया और (उस वक्त) उसका अर्श (फलक नहुम) पानी पर था (उसने आसमान व ज़मीन) इस ग़रज़ से बनाया ताकि तुम लोगों को आज़माए कि तुममे ज्यादा अच्छी कार गुज़ारी वाला कौन है और (ऐ रसूल) अगर तुम (उनसे) कहोगे कि मरने के बाद तुम सबके सब दोबारा (क़ब्रों से) उठाए जाओगे तो काफ़िर लोग ज़रुर कह बैठेगें कि ये तो बस खुला हुआ जादू है
8وَلَئِنْ أَخَّرْنَا عَنْهُمُ الْعَذَابَ إِلَىٰ أُمَّةٍ مَّعْدُودَةٍ لَّيَقُولُنَّ مَا يَحْبِسُهُ ۗ أَلَا يَوْمَ يَأْتِيهِمْ لَيْسَ مَصْرُوفًا عَنْهُمْ وَحَاقَ بِهِم مَّا كَانُوا بِهِ يَسْتَهْزِئُونَ
और अगर हम गिनती के चन्द रोज़ो तक उन पर अज़ाब करने में देर भी करें तो ये लोग (अपनी शरारत से) बेताम्मुल ज़रुर कहने लगेगें कि (हाए) अज़ाब को कौन सी चीज़ रोक रही है सुन रखो जिस दिन इन पर अज़ाब आ पडे तो (फिर) उनके टाले न टलेगा और जिस (अज़ाब) की ये लोग हँसी उड़ाया करते थे वह उनको हर तरह से घेर लेगा
9وَلَئِنْ أَذَقْنَا الْإِنسَانَ مِنَّا رَحْمَةً ثُمَّ نَزَعْنَاهَا مِنْهُ إِنَّهُ لَيَئُوسٌ كَفُورٌ
और अगर हम इन्सान को अपनी रहमत का मज़ा चखाएं फिर उसको हम उससे छीन लें तो (उस वक्त) यक़ीनन बड़ा बेआस और नाशुक्रा हो जाता है
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अनुवाद — हूद 7

सूरा हूद आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह तो वही (क़ादिरे मुत्तलिक़) है जिसने आसमानों और…

सूरा आयत 7/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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