Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أُمَّةٍ مَّعْدُودَةٍ: एक निश्चित और सीमित अवधि, यानी कुछ ही दिनों का समय।
- مَا يَحْبِسُهُ: कौन सी चीज़ उसे रोके हुए है? यानी उसे कौन सी चीज़ आने से रोक रही है?
- مَصْرُوفًا: टाला हुआ या हटाया हुआ।
- حَاقَ: घेर लिया, चारों ओर से आ घेरा।
तफ़सीर (व्याख्या):
यदि हम इन मुशरिकों (बहुदेववादियों) से उनके उस अज़ाब (यातना) को जो वे अपने कुकर्मों के कारण पाने के हक़दार हैं, एक निश्चित और सीमित अवधि तक के लिए टाल दें, तो वे अपनी जल्दबाज़ी और उपहास के कारण कहने लगेंगे: "आख़िर कौन सी चीज़ इस अज़ाब को आने से रोक रही है? अगर यह सच है तो अभी क्यों नहीं आता?" वे इस तरह की बातें करके उस अज़ाब का मज़ाक उड़ाते हैं। लेकिन उन्हें मालूम होना चाहिए कि जिस दिन वह अज़ाब उनके पास आएगा — चाहे वह बद्र के दिन हो या क़ियामत के दिन — उसे उनसे टाला नहीं जा सकेगा और न ही कोई उसे उनसे हटा पाएगा। वह अज़ाब उन्हें चारों ओर से घेर लेगा, और वही चीज़ उन पर आ पड़ेगी जिसका वे मज़ाक उड़ाया करते थे। यानी उनका उपहास ही उनकी सज़ा का कारण बनेगा और वह यातना उन पर इस तरह हावी हो जाएगी कि उससे बचने का कोई रास्ता नहीं होगा।
फ़ायदे (सीख):
- अल्लाह की सज़ा में देरी उसकी रहमत और मोहलत का परिणाम है, लेकिन यह मोहलत हमेशा के लिए नहीं होती। इंसान को चाहिए कि वह इस मोहलत को ग़नीमत समझे और तौबा कर ले।
- अल्लाह के अज़ाब का मज़ाक उड़ाना बहुत बड़ा गुनाह है। जो लोग दीन की बातों और अल्लाह के वादों पर हँसते हैं, वही अज़ाब उन पर उल्टकर आ पड़ता है।
- अल्लाह का अज़ाब जब आ जाता है तो उसे कोई टाल नहीं सकता। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह की तरफ़ जल्दी लौटे और अपनी ज़िंदगी को सही कर ले, क्योंकि अज़ाब आने के बाद पछतावे का कोई फ़ायदा नहीं।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने बंदों पर रहम करने वाला है और उन्हें मौक़ा देता है, लेकिन जब उसकी मोहलत ख़त्म हो जाती है, तो उसका फ़ैसला टलता नहीं। इसलिए हमें अल्लाह के साथ अपने रिश्ते को मज़बूत करना चाहिए और उसकी नाफ़रमानी से बचना चाहिए।
📜 आयत 6-10 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 8
सूरा हूद आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर हम गिनती के चन्द रोज़ो तक उन पर…सूरा आयत 8/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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