अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- غَوْرًا (ग़ौरन): ज़मीन में गहराई तक धँसा हुआ, ऐसा पानी जो ज़मीन के अंदर इतना गहरा चला जाए कि उस तक पहुँचना नामुमकिन हो जाए।
- فَلَن تَسْتَطِيعَ لَهُ طَلَبًا (फ़लन तस्ततीअ लहू तलबन): तो तुम उसे ढूँढ़ने और वापस लाने की कोई ताक़त न रखोगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह वही मौक़ा है जब एक ईमानदार और नेक इंसान अपने उस दोस्त को नसीहत कर रहा है जो अपनी बाग़ और दौलत पर इतना घमंडी हो गया था कि उसे भूल गया कि यह सब उसे अल्लाह की तरफ़ से मिला है। वह उसे समझाता है कि अगर तूने अल्लाह का शुक्र नहीं किया और अपनी ताक़त पर इतना नाज़ किया, तो अल्लाह चाहे तो तेरे इस बाग़ को ऐसा तबाह कर दे कि उसका पानी ज़मीन में इतना गहरा धँस जाए कि तू उसे कभी वापस न निकाल सके। जब पानी ही नहीं होगा, तो बाग़ अपने आप ख़त्म हो जाएगा — पेड़ सूख जाएँगे, ज़मीन बंजर हो जाएगी, और तेरी सारी दौलत और शानो-शौकत मिट्टी में मिल जाएगी।
यहाँ अल्लाह तआला हमें सिखा रहा है कि ये दुनिया की चीज़ें — पैसा, ज़मीन, बाग़, औलाद — सब कुछ अल्लाह के हाथ में हैं। जिस पल वह चाहे, उन्हें छीन सकता है। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह अपनी किसी भी नेअमत पर घमंड न करे, बल्कि हर वक़्त अल्लाह का शुक्र अदा करे और यह याद रखे कि यह सब अल्लाह की देन है। जब हम अपने अंदर यह अच्छाई पैदा कर लेंगे कि हमारे पास जो कुछ भी है, वह अल्लाह की मेहरबानी से है, तो हम कभी किसी को नीचा नहीं समझेंगे और न ही अपनी दौलत पर इतराएँगे।
यह क़िस्सा हमें यह भी सिखाता है कि अल्लाह की नेअमतों की हिफ़ाज़त का सबसे बेहतरीन तरीक़ा शुक्रगुज़ारी है। जो इंसान अल्लाह का शुक्र अदा करता है, अल्लाह उसे और देता है, और जो कुफ़्रान (नाशुक्री) करता है, उससे नेअमतें छीन ली जाती हैं। यही वह प्यारा पैग़ाम है जो हमें अपने रब से जोड़ता है और हमें सिखाता है कि सच्ची कामयाबी उसी की है जो अल्लाह के सामने अपने आपको छोटा रखे और उसकी बड़ाई को पहचाने।
📜 आयत 39-43 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 41
सूरा अल-कहफ आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसका पानी नीचे उतर (के खुश्क) हो जाए फिर तो…सूरा आयत 41/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








