अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَأُحِيطَ بِثَمَرِهِ: उसके फल (और पूरी पैदावार) को हर तरफ से विनाश ने घेर लिया।
- يُقَلِّبُ كَفَّيْهِ: अपने हाथों को पछतावे और अफसोस के मारे उलट-पलट करता है।
- خَاوِيَةٌ عَلَىٰ عُرُوشِهَا: वह (बाग़) अपनी छतों (टट्टियों) पर गिरा हुआ था, यानी पूरी तरह तबाह और वीरान।
- يَا لَيْتَنِي: काश! मैंने...
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस मालिक का हाल बयान कर रही है जो अपने बाग़ और दौलत पर इतना घमंड कर रहा था कि उसने अल्लाह की नेमतों से इनकार किया और आख़िरत को झुठलाया। उसके नेक दोस्त ने उसे समझाया था कि यह सब कुछ अल्लाह की देन है, लेकिन उसने नहीं माना। फिर अल्लाह का अज़ाब आया और उसके पूरे बाग़ को जड़ से उखाड़ दिया।
जब वह तबाही देखता है तो हाथ मलता है — यह अफसोस और पछतावे की वह आदत है जो इंसान उस वक़्त करता है जब उसका सब कुछ बर्बाद हो जाता है। वह सोचता है कि उसने इस बाग़ पर कितना खर्च किया, कितनी मेहनत की, लेकिन आज सब कुछ खाक में मिल गया। बाग़ की दीवारें और छतें गिर पड़ी हैं, अंगूरों की बेलें उजड़ गई हैं, और वह सिर्फ यह कह रहा है: "काश! मैंने अपने रब के साथ किसी को शरीक नहीं बनाया होता।"
यह पछतावा उस वक़्त आया जब पछतावे का कोई फायदा नहीं था। अगर वह पहले अपने दोस्त की नसीहत मान लेता, तो यह दिन न देखना पड़ता। यह आयत हमें सिखाती है कि दौलत, बाग़ और ताकत पर घमंड करना कितनी बड़ी भूल है। जो चीज़ अल्लाह देता है, वही उसे छीन भी सकता है। इसलिए हमें हर वक़्त अल्लाह का शुक्र करना चाहिए और उसके साथ किसी को शरीक नहीं करना चाहिए।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह क़िस्सा हमारे लिए एक आईना है। आज हम में से कितने लोग अपनी जायदाद, नौकरी, बच्चों या ताकत पर इतना नाज़ करते हैं कि अल्लाह को भूल जाते हैं? याद रखिए, यह सब कुछ अल्लाह की अमानत है। जिसने दिया, वही छीन सकता है। इसलिए हमेशा अल्लाह के शुक्रगुज़ार रहिए, उसकी नेमतों का सही इस्तेमाल कीजिए, और उसके साथ किसी को शरीक मत बनाइए। अगर आज आपके पास सब कुछ है, तो यह अल्लाह की मेहरबानी है — इसका घमंड नहीं, बल्कि शुक्र करना चाहिए। और अगर कभी मुश्किल आए, तो याद रखिए कि अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं बड़ी है — बस उसी की तरफ पलटिए, और उसी से माफी मांगिए।
📜 आयत 40-44 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 42
सूरा अल-कहफ आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (चुनान्चे अज़ाब नाज़िल हुआ) और उसके (बाग़ के) फल (आफत…सूरा आयत 42/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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