अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فِرَاقُ – अलगाव, जुदाई
- تَأْوِيلِ – वास्तविकता, छिपा हुआ रहस्य, अंतिम परिणाम
- لَمْ تَسْتَطِع عَّلَيْهِ صَبْرًا – जिसे तुम सहन नहीं कर सके
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने हज़रत ख़िज़र (अलैहिस्सलाम) के उस कार्य पर सवाल उठाया जिसमें उन्होंने बिना किसी मेहनताने के दीवार को ठीक कर दिया था, तो हज़रत ख़िज़र ने फ़रमाया: "यही वह समय है जब मेरे और तुम्हारे बीच अलगाव हो जाएगा। मैंने पहले ही तुमसे कह दिया था कि तुम मेरे साथ सब्र नहीं कर सकोगे। अब मैं तुम्हें उन सभी बातों का असली राज़ बताऊँगा जिन पर तुमने आश्चर्य और एतराज़ किया था, और जिन्हें तुम सहन नहीं कर सके।"
यह वह नाज़ुक लम्हा था जब दोनों महान हस्तियों का साथ समाप्त हुआ। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) एक नबी थे, लेकिन उन्होंने भी इस सच्चाई को स्वीकार किया कि अल्लाह के कुछ बंदों को विशेष ज्ञान दिया गया है जो आम लोगों की समझ से परे होता है। यह हमारे लिए एक बहुत बड़ा सबक है कि अल्लाह की हिकमत (बुद्धिमत्ता) के कई पहलू होते हैं जो हमारी सीमित समझ से छिपे होते हैं।
इस आयत से हमें यह शिक्षा मिलती है कि जीवन में कई ऐसी घटनाएँ होती हैं जो हमें अजीब या अनुचित लगती हैं, लेकिन उनके पीछे अल्लाह की कोई न कोई भलाई छिपी होती है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह पर भरोसा रखें और उसके फ़ैसलों पर सब्र करें। जब हम सब्र करते हैं, तो अल्लाह हमें उन राज़ों से परिचित कराता है जो हमारी समझ से परे थे। यही सब्र और यक़ीन हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी दिलाता है।
याद रखिए, अल्लाह का हर फ़ैसला हिकमत पर आधारित है। जो बातें हमें बुरी लगती हैं, वे अक्सर हमारे लिए अच्छी होती हैं, और जो अच्छी लगती हैं, वे कभी-कभी हमारे लिए बुरी होती हैं। अल्लाह जानता है, हम नहीं जानते। इसलिए हर हाल में अल्लाह पर भरोसा रखें और उसकी रहमत से उम्मीद न खोएँ।
📜 आयत 76-80 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 78
सूरा अल-कहफ आयत 78 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ताकि खाने का सहारा होता) खिज्र ने कहा मेरे और…सूरा आयत 78/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 76–80. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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