Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- آمَنُوا: ईमान लाए, सच्चे दिल से विश्वास किया।
- اتَّقَوْا: अल्लाह से डरे, उसकी आज्ञाओं का पालन किया और उसकी मनाही से बचे।
- لَمَثُوبَةٌ: अल्लाह की ओर से मिलने वाला पुरस्कार और बदला।
- خَيْرٌ: बेहतर और उत्तम।
- يَعْلَمُونَ: जानते, समझते।
तफसीर (व्याख्या):
यदि यहूदी वास्तव में अल्लाह पर ईमान लाते और उसका डर रखते, उसकी आज्ञाओं का पालन करते और उसकी मनाही से बचते, तो अल्लाह की ओर से मिलने वाला पुरस्कार उनके लिए उस सबसे कहीं बेहतर होता जो उन्होंने जादू और अन्य गलत कार्यों के माध्यम से हासिल किया था। उन्होंने जादू सीखकर और उसके बदले में दुनियावी लाभ कमाकर अपने आपको धोखे में रखा, जबकि अल्लाह का इनाम और उसकी रहमत उनके लिए सबसे उत्तम थी। यदि वे सच्चे ज्ञान के साथ यह समझ लेते कि ईमान और तक़वा (परहेज़गारी) में कितनी भलाई और बरकत है, तो वे कभी भी जादू और कुफ्र का रास्ता नहीं अपनाते। उनकी नासमझी और अज्ञानता ही उन्हें इस भलाई से वंचित कर गई।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- ईमान और तक़वा ही वास्तविक सफलता का मार्ग है, चाहे दुनिया में कितनी भी मुश्किलें क्यों न हों। अल्लाह का पुरस्कार हर दुनियावी लाभ से बेहतर है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि ज्ञान और समझ का सही उपयोग करना चाहिए। जो लोग सच्चाई को जानकर भी उसे नहीं अपनाते, वे सबसे बड़े घाटे में रहते हैं।
- अल्लाह की रहमत और उसका इनाम उन लोगों के लिए है जो उस पर ईमान रखते हैं और उसके डर से गलत कामों से बचते हैं। यही इंसान को दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देता है।
- इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपने जीवन में हमेशा अल्लाह की खुशी को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि दुनिया के अस्थायी लाभों को। जो अल्लाह के पास है वही स्थायी और बेहतर है।
📜 आयत 101-105 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 103
सूरा अल-बकरा आयत 103 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर वह ईमान लाते और जादू वग़ैरह से बचकर…सूरा आयत 103/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 101–105. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
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