अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- القصاص (क़िसास): बदला लेना, अर्थात हत्या के मामले में हत्यारे को उसी के बराबर सज़ा देना।
- حياة (हयात): जीवन, सुरक्षा, बचाव।
- أُولِي الأَلْبَاب (उलिल-अल्बाब): बुद्धि और समझ वाले लोग।
- تَتَّقُونَ (तत्तक़ून): डरना, बचना, परहेज़गार बनना।
विस्तृत तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने इस आयत में क़िसास (बदले) के क़ानून को लोगों के लिए जीवन का ज़रिया बताया है। यानी जब क़िसास का क़ानून लागू होता है, तो समाज में जान-माल की हिफ़ाज़त होती है, ख़ून-ख़राबा रुकता है, और लोग एक-दूसरे की जान के दुश्मन नहीं बनते। अगर क़िसास का क़ानून न हो, तो कमज़ोर लोगों की जानें खतरे में पड़ जाएँ, हत्यारे निडर हो जाएँ, और समाज में अराजकता फैल जाए। इसलिए अल्लाह ने फ़रमाया कि इस क़ानून में तुम्हारे लिए जीवन और सुरक्षा है।
यह बात ख़ास तौर पर उन लोगों के लिए कही गई है जो अक़्ल और समझ रखते हैं, क्योंकि वही इस हिकमत को समझ सकते हैं कि सज़ा का ख़ौफ़ इंसान को जुर्म से रोकता है। जब कोई यह सोचेगा कि अगर मैंने किसी की जान ली, तो मेरी भी जान ली जाएगी, तो वह हत्या जैसे गुनाह से बचेगा। इस तरह क़िसास का क़ानून एक तरफ़ मज़लूम का हक़ अदा करता है, और दूसरी तरफ़ पूरे समाज के लिए अमन और सलामती का ज़रिया बनता है।
इस आयत का मक़सद सिर्फ़ सज़ा देना नहीं, बल्कि लोगों को तक़वा (अल्लाह का डर) अपनाने की तरफ़ राह दिखाना है। अल्लाह चाहता है कि इंसान अपनी अक़्ल से काम ले, अल्लाह के हुक्म के आगे सर झुकाए, और हत्या जैसे बड़े गुनाह से बचे। जब समाज में तक़वा आएगा, तो लोग एक-दूसरे के हक़ों का ख़याल रखेंगे, और इसी में दुनिया और आख़िरत की भलाई है।
यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम का क़ानून इंसानों की भलाई के लिए आया है। यह कठोरता सिर्फ़ ज़ालिमों के लिए है, ताकि मज़लूमों को इंसाफ़ मिले और समाज में रहमत और मुहब्बत का माहौल बने। अल्लाह ने जो भी हुक्म दिया है, उसमें इंसान के लिए भलाई ही भलाई है। हमें चाहिए कि हम इन हुक्मों को समझें, उन पर अमल करें, और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ। यही सच्ची कामयाबी है, और यही तक़वा है जो हमें जहन्नुम के अज़ाब से बचाकर जन्नत की तरफ़ ले जाता है।
📜 आयत 177-181 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 179
सूरा अल-बकरा आयत 179 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ऐ अक़लमनदों क़सास (के क़वाएद मुक़र्रर कर देने) में…सूरा आयत 179/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 177–181. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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