अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَيَّامٍ مَّعْدُودَاتٍ: गिनी हुई दिन, अर्थात् अय्यामे तशरीक़ (ज़ुल-हिज्जा की 11, 12 और 13 तारीख़)।
- تَعَجَّلَ: जल्दी करना, यानी दो दिन में ही मिना से लौट जाना।
- فَلَا إِثْمَ عَلَيْهِ: उस पर कोई गुनाह नहीं।
- تَأَخَّرَ: देर करना, यानी तीसरे दिन तक रुकना।
- تُحْشَرُونَ: तुम इकट्ठे किए जाओगे (क़ियामत के दिन)।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला हज के बाद के दिनों में अपनी याद की ताकीद कर रहा है। ये दिन अय्यामे तशरीक़ कहलाते हैं, जो ज़ुल-हिज्जा की 11, 12 और 13 तारीख़ हैं। इन दिनों में अल्लाह की याद तकबीर (अल्लाहु अकबर), तहलील (ला इलाहा इल्लल्लाह) और तस्बीह (सुब्हानल्लाह) के ज़रिए की जाती है, ख़ास तौर पर नमाज़ों के बाद और रमी-ए-जमरात (कंकरी मारने) के वक़्त।
इसके बाद अल्लाह फ़रमाता है कि जो शख्स मिना से जल्दी निकलना चाहे, यानी 12 तारीख़ को सूरज डूबने से पहले रमी करके वापस चला जाए, तो उस पर कोई गुनाह नहीं। और जो शख्स 13 तारीख़ तक रुककर रमी करे और फिर लौटे, उस पर भी कोई गुनाह नहीं। दोनों की इजाज़त है, लेकिन देर करना (यानी 13 तारीख़ तक रुकना) बेहतर है, क्योंकि इसमें इबादत का ज़्यादा समय मिलता है और यह नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का तरीक़ा भी है। यह रियायत और आसानी उस शख्स के लिए है जो अल्लाह से डरता है और हज के दौरान अल्लाह के हुक्मों की पाबंदी करता है।
आख़िर में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि तुम लोग अल्लाह से डरो, उसके हुक्मों की पालना करो और उसकी मनाही से बचो। और यक़ीन रखो कि तुम सबको एक दिन अल्लाह की तरफ़ लौटना है, क़ियामत के दिन तुम सब उसके सामने इकट्ठे किए जाओगे, और तुम्हारे हर अच्छे और बुरे काम का हिसाब लिया जाएगा।
फ़ायदे:
- अल्लाह की याद हर हाल में ज़रूरी है, ख़ास तौर पर इबादत के मौक़ों पर, क्योंकि यही दिल को सुकून देती है और इंसान को अल्लाह के करीब लाती है।
- अल्लाह अपने बंदों पर आसानी चाहता है, सख्ती नहीं। हज में दो दिन या तीन दिन रुकने की इजाज़त देकर उसने अपनी रहमत का सबूत दिया है।
- इस्लाम में नेकी के कामों में ज़्यादा से ज़्यादा वक़्त बिताना पसंदीदा है, इसलिए 13 तारीख़ तक रुकना बेहतर है।
- हर मुसलमान को चाहिए कि वह अल्लाह से डरे और याद रखे कि एक दिन उसे अपने अमल का हिसाब देना है, इसलिए ज़िंदगी में नेक काम करे और गुनाहों से बचे।
📜 आयत 201-205 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 203
सूरा अल-बकरा आयत 203 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ख़ुदा बहुत जल्द हिसाब लेने वाला है (निस्फ़) और…सूरा आयत 203/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 201–205. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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