Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَصِيبٌ: हिस्सा, भाग, प्रतिफल।
- مِمَّا كَسَبُوا: उन कर्मों के कारण जो उन्होंने कमाए (अर्थात् अच्छे कर्म)।
- سَرِيعُ الْحِسَابِ: हिसाब लेने में बहुत तेज़, जिसकी गति पलक झपकने से भी तेज़ है।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन ईमानवालों के बारे में है जो दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई की दुआ माँगते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ऐसे लोगों के लिए उनके अच्छे कर्मों का बड़ा हिस्सा और प्रतिफल है। उन्होंने जो भी नेक काम किए—चाहे वह दुआ हो, इबादत हो, या कोई और अच्छा कर्म—उसका पूरा बदला उन्हें मिलेगा। दुआ को भी "कमाई" कहा गया है क्योंकि दुआ एक अच्छा कर्म है, और हर कर्म का फल उसी के अनुसार मिलता है। अल्लाह तआला हिसाब लेने में अत्यंत तेज़ है—वह किसी भी कर्म को भूलता नहीं, और उसका हिसाब इतनी जल्दी होता है कि पलक झपकने से भी पहले वह सब कुछ जान लेता है और बदला देने का फैसला कर लेता है। उसकी गिनती और हिसाब में कोई देरी नहीं होती, और वह हर बंदे के अच्छे और बुरे कर्मों को पूरी तरह से जानता है।
फ़ायदे (लाभ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि अच्छे कर्म कभी बेकार नहीं जाते—चाहे वे छोटे हों या बड़े, अल्लाह उनका पूरा बदला देगा। इससे मुसलमान को अच्छे कर्म करने की प्रेरणा मिलती है।
- दुआ को भी एक कर्म और इबादत माना गया है, इसलिए हमें दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई के लिए दुआ करनी चाहिए, और यह दुआ हमारे लिए नेकी का ज़रिया बनेगी।
- अल्लाह की "तेज़ हिसाब" वाली विशेषता हमें यह विश्वास दिलाती है कि अल्लाह न्याय करने में कभी देर नहीं करता—चाहे इंसाफ़ में देर लगे, लेकिन अल्लाह का इंसाफ़ तुरंत और पूर्ण होता है। इससे दिल को सुकून मिलता है कि कोई ज़ुल्म या अच्छाई अनदेखी नहीं रहेगी।
- यह आयत मुसलमान को यह भी सिखाती है कि वह अपने कर्मों का हिसाब खुद रखे, और हमेशा अच्छे कामों में लगा रहे, क्योंकि अल्लाह के पास हर चीज़ का हिसाब मौजूद है।
📜 आयत 200-204 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 202
सूरा अल-बकरा आयत 202 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यही वह लोग हैं जिनके लिए अपनी कमाई का हिस्सा…सूरा आयत 202/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 200–204. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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