Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَيْب (रैब): संदेह, शक।
- نَزَّلْنَا (नज़्ज़लना): हमने उतारा।
- عَبْدِنَا (अब्दिना): हमारे बंदे (अर्थात् पैगंबर मुहम्मद ﷺ)।
- فَأْتُوا (फ़ातू): लाओ, पेश करो।
- سُورَةٍ (सूरह): कुरआन की एक अध्याय।
- شُهَدَاءَكُم (शुहदाअकुम): अपने गवाहों को, यहाँ अर्थ है अपने सहायकों और मददगारों को।
- مِن دُونِ اللَّهِ (मिन दूनिल्लाह): अल्लाह के सिवा।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! अगर तुम्हें उस कुरआन के बारे में कोई संदेह है जो हमने अपने बंदे मुहम्मद ﷺ पर उतारा है, और तुम्हारा दावा है कि यह अल्लाह की ओर से नहीं बल्कि मुहम्मद ﷺ की अपनी रचना है, तो हम तुम्हें चुनौती देते हैं कि तुम भी इस जैसी एक ही सूरह लेकर आओ। चाहे वह सबसे छोटी सूरह ही क्यों न हो। और अगर तुम सच्चे हो, तो अपने सभी सहायकों, मददगारों और उन्हें बुला लो जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा पूजते हो, ताकि वे इस काम में तुम्हारी मदद कर सकें।
यह एक ऐतिहासिक चुनौती है जो आज तक क़ायम है। कुरआन की भाषा, उसका बलाग़त (वाक्चातुर्य), उसकी गहराई, उसका ज्ञान और उसकी सच्चाई — यह सब ऐसा है कि पूरी दुनिया की ताकतें भी इकट्ठा हो जाएँ तो भी इस जैसी एक सूरह नहीं ला सकतीं। यह चुनौती उस समय दी गई थी जब अरब के लोग भाषा और काव्य में अपने युग के सबसे आगे थे, फिर भी वे इसका मुकाबला नहीं कर सके।
यह चुनौती सिर्फ़ उस समय के लिए नहीं थी, बल्कि हर युग और हर ज़माने के लिए है। अगर कोई यह दावा करता है कि कुरआन अल्लाह की किताब नहीं है, तो उसे चाहिए कि वह इस चुनौती को स्वीकार करे और एक सूरह बना लाए। लेकिन यह कभी संभव नहीं हो सका और न ही कभी होगा।
यह चुनौती हमारे लिए एक बड़ी निशानी है कि कुरआन वाकई अल्लाह की किताब है। और जो लोग इसे मान लेते हैं और इस पर अमल करते हैं, उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी मिलती है। कुरआन वह रहनुमा किताब है जो इंसान को अंधेरों से निकालकर रोशनी की तरफ ले जाती है, उसे सच्चाई, इंसाफ़, रहमत और अच्छाई की राह दिखाती है।
आओ, हम इस चुनौती पर ग़ौर करें और कुरआन की सच्चाई को दिल से क़बूल करें, क्योंकि यही हमारी भलाई और हिदायत का ज़रिया है। अल्लाह हम सबको सीधी राह दिखाए। आमीन।
📜 आयत 21-25 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 23
सूरा अल-बकरा आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर तुम लोग इस कलाम से जो हमने अपने…सूरा आयत 23/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
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