अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- سَوْآتُهُمَا: उन दोनों के शर्मगाह (गुप्त अंग)।
- طَفِقَا: वे दोनों लगे / आरंभ किया।
- يَخْصِفَانِ: पत्तों को जोड़-तोड़कर एक दूसरे से मिलाना और उससे अपने शरीर को ढकना।
- فَغَوَى: वह भटक गया, अपने लक्ष्य से विचलित हो गया।
तफसीर:
जब आदम (अलैहिस्सलाम) और हव्वा ने उस पेड़ का फल खा लिया, जिससे अल्लाह ने उन्हें मना किया था, तो उन दोनों के शर्मगाह (गुप्त अंग) खुल गए, जो पहले छिपे हुए थे। यह उनकी आज्ञा-उल्लंघन का तुरंत परिणाम था। इसके बाद वे दोनों जन्नत के पेड़ों के पत्तों को जोड़-जोड़कर अपने शरीर को ढकने लगे, ताकि अपनी शर्मगाह छिपा सकें। यह उनकी स्वाभाविक फितरत (स्वभाव) थी कि उन्होंने अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश की।
इस प्रकार आदम (अलैहिस्सलाम) ने अपने रब की अवज्ञा की, क्योंकि उन्होंने उस पेड़ से खाने से परहेज़ नहीं किया, जिससे उन्हें रोका गया था। इस अवज्ञा के कारण वे अपने मक़सद से भटक गए, यानी उन्होंने वह काम कर दिया जो उनके लिए जायज़ नहीं था।
यहाँ से हमें सीख मिलती है कि अल्लाह की हर आज्ञा में हमारी भलाई है, और उसकी नफ़रमानी इंसान को पथभ्रष्ट कर देती है। लेकिन अल्लाह रहीम और ग़फ़ूर है—उसने आदम (अलैहिस्सलाम) की तौबा क़ुबूल की और उन्हें माफ़ कर दिया। यह हमारे लिए बड़ी खुशखबरी है कि चाहे हमसे कितनी भी गलती हो जाए, अगर हम सच्चे दिल से तौबा करें तो अल्लाह हमें माफ़ कर देता है और अपनी रहमत से नवाज़ता है। इसलिए हमें कभी निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि हमेशा अल्लाह की ओर लौटना चाहिए, क्योंकि उसकी रहमत उसके ग़ज़ब से कहीं बढ़कर है।
📜 आयत 119-123 — ताहा
अनुवाद — ताहा 121
सूरा ताहा आयत 121 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : चुनान्चे दोनों मियाँ बीबी ने उसी में से कुछ खाया…सूरा आयत 121/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 119–123. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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