अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اجْتَبَاهُ: उसे चुन लिया, अपनी ओर खींच लिया, विशेष सम्मान दिया।
- فَتَابَ عَلَيْهِ: उसकी तौबा (क्षमा-याचना) को स्वीकार कर लिया।
- وَهَدَىٰ: उसे सही मार्ग दिखाया, उसकी भलाई की ओर मार्गदर्शन किया।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला हमें हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की वह दिल को छू लेने वाली कहानी सुनाते हैं, जब उन्होंने भूलवश पेड़ का फल खा लिया था। उस समय अल्लाह ने उन्हें जन्नत से निकाल दिया, लेकिन यह अल्लाह की रहमत और कृपा का अद्भुत नमूना है कि उसके बाद अल्लाह ने उन्हें फिर से चुन लिया। यानी, जब आदम अलैहिस्सलाम ने अपनी गलती का एहसास किया, रो-रो कर तौबा की, और अल्लाह से माफ़ी मांगी, तो अल्लाह ने उन्हें अपनी विशेष रहमत से नवाज़ा। उन्हें अपने करीब किया, उनकी तौबा क़बूल की, और उन्हें फिर से हिदायत दी।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत उसके ग़ज़ब से कहीं बढ़कर है। इंसान चाहे कितनी भी बड़ी गलती कर ले, जब तक वह सच्चे दिल से अल्लाह की ओर लौटता है, अल्लाह उसे अपनाता है, उसकी तौबा क़बूल करता है, और उसे सही रास्ता दिखाता है। "وَهَدَىٰ" का मतलब है कि अल्लाह ने उन्हें सिर्फ़ माफ़ ही नहीं किया, बल्कि उन्हें हमेशा तौबा करते रहने, अल्लाह की इबादत करते रहने, और सीधे रास्ते पर चलते रहने की तौफ़ीक़ भी दी।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें कभी अल्लाह की रहमत से निराश नहीं होना चाहिए। चाहे हमसे कितनी भी गलतियाँ हुई हों, अल्लाह का दरवाज़ा हमेशा खुला है। बस ज़रूरत है सच्चे दिल से तौबा करने की, अल्लाह की ओर लौटने की, और उसकी राह पर चलने की। अल्लाह अपने बंदे से इतना प्यार करता है कि जब बंदा उसकी ओर एक क़दम बढ़ाता है, तो अल्लाह उसकी ओर दौड़कर आता है। यही अल्लाह की महानता और उसकी असीम दया है।
📜 आयत 120-124 — ताहा
अनुवाद — ताहा 122
सूरा ताहा आयत 122 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (राहे सवाब से) बेराह हो गए इसके बाद उनके…सूरा आयत 122/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 120–124. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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