अनुवाद — Tafsir
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है:
"बेशक इस (क़ुरआन) में इबादत करने वालों के लिए बड़ी भलाई और काफ़ी नसीहत है।"
शब्दों के अर्थ:
- बलाग़: पहुँचाने वाली चीज़, काफ़ी नसीहत, पूरी दलील और हिदायत का ज़रिया।
- आबिदीन: इबादत करने वाले, अल्लाह के आज्ञाकारी बंदे।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में फ़रमा रहे हैं कि यह क़ुरआन, जो पहले की आयात में ज़िक्र किया गया है, उन लोगों के लिए पूरी तरह काफ़ी और नसीहत का ज़रिया है जो अल्लाह की इबादत करते हैं। यानी जो लोग अपने रब की इबादत में लगे रहते हैं, उनके लिए इस क़ुरआन में हर वो चीज़ मौजूद है जो उन्हें सीधे रास्ते पर चलने, अच्छे काम करने और बुराइयों से बचने में मदद दे सके।
यह आयत बताती है कि क़ुरआन सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि उस पर अमल करने के लिए है। जो लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके बताए हुए रास्ते पर चलते हैं, वही लोग इस क़ुरआन से पूरा फ़ायदा उठाते हैं। यह क़ुरआन उनके लिए रहनुमा है, उनके दिलों की दवा है और उनके लिए कामयाबी की कुंजी है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का कलाम (क़ुरआन) कितना बड़ा इनाम है। जो लोग इसे पढ़ते हैं, समझते हैं और उस पर अमल करते हैं, उनके लिए यह दुनिया और आख़िरत की कामयाबी का ज़रिया बन जाता है। अल्लाह तआला ने यह किताब हमारे लिए इसलिए भेजी ताकि हम उसकी इबादत करें, उसके हुक्मों को मानें और अपनी ज़िंदगी को उसके बताए हुए तरीक़े पर चलाएँ।
आइए हम सब इस क़ुरआन को अपनी ज़िंदगी में अपनाएँ, इसे पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। यही वो रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुँचाएगा। अल्लाह तआला हम सबको इस क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 104-108 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 106
सूरा अल-अंबिया आयत 106 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसमें शक नहीं कि इसमें इबादत करने वालों के लिए…सूरा आयत 106/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 104–108. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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