अल-अंबिया · 106/112
अनुवाद उच्चारण — अल-अंबिया
إِنَّ فِي هَٰذَا لَبَلَاغًا لِّقَوْمٍ عَابِدِينَ ۝١٠٦
Inna fee haaza labalaa ghal liqawmin `aabideen
📖 हिंदी अर्थ
इसमें शक नहीं कि इसमें इबादत करने वालों के लिए (एहकामें खुदा की) तबलीग़ है
📜

अनुवाद — Tafsir

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है:

"बेशक इस (क़ुरआन) में इबादत करने वालों के लिए बड़ी भलाई और काफ़ी नसीहत है।"

शब्दों के अर्थ:

  • बलाग़: पहुँचाने वाली चीज़, काफ़ी नसीहत, पूरी दलील और हिदायत का ज़रिया।
  • आबिदीन: इबादत करने वाले, अल्लाह के आज्ञाकारी बंदे।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में फ़रमा रहे हैं कि यह क़ुरआन, जो पहले की आयात में ज़िक्र किया गया है, उन लोगों के लिए पूरी तरह काफ़ी और नसीहत का ज़रिया है जो अल्लाह की इबादत करते हैं। यानी जो लोग अपने रब की इबादत में लगे रहते हैं, उनके लिए इस क़ुरआन में हर वो चीज़ मौजूद है जो उन्हें सीधे रास्ते पर चलने, अच्छे काम करने और बुराइयों से बचने में मदद दे सके।

यह आयत बताती है कि क़ुरआन सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि उस पर अमल करने के लिए है। जो लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके बताए हुए रास्ते पर चलते हैं, वही लोग इस क़ुरआन से पूरा फ़ायदा उठाते हैं। यह क़ुरआन उनके लिए रहनुमा है, उनके दिलों की दवा है और उनके लिए कामयाबी की कुंजी है।

दावती पहलू:

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का कलाम (क़ुरआन) कितना बड़ा इनाम है। जो लोग इसे पढ़ते हैं, समझते हैं और उस पर अमल करते हैं, उनके लिए यह दुनिया और आख़िरत की कामयाबी का ज़रिया बन जाता है। अल्लाह तआला ने यह किताब हमारे लिए इसलिए भेजी ताकि हम उसकी इबादत करें, उसके हुक्मों को मानें और अपनी ज़िंदगी को उसके बताए हुए तरीक़े पर चलाएँ।

आइए हम सब इस क़ुरआन को अपनी ज़िंदगी में अपनाएँ, इसे पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। यही वो रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुँचाएगा। अल्लाह तआला हम सबको इस क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 104-108 — अल-अंबिया

104يَوْمَ نَطْوِي السَّمَاءَ كَطَيِّ السِّجِلِّ لِلْكُتُبِ ۚ كَمَا بَدَأْنَا أَوَّلَ خَلْقٍ نُّعِيدُهُ ۚ وَعْدًا عَلَيْنَا ۚ إِنَّا كُنَّا فَاعِلِينَ
(ये) वह दिन (होगा) जब हम आसमान को इस तरह लपेटेगे जिस तरह ख़तों का तूमार लपेटा जाता है जिस तरह हमने (मख़लूक़ात को) पहली बार पैदा किया था (उसी तरह) दोबारा (पैदा) कर छोड़ेगें (ये वह) वायदा (है जिसका करना) हम पर (लाज़िम) है और हम उसे ज़रूर करके रहेंगे
105وَلَقَدْ كَتَبْنَا فِي الزَّبُورِ مِن بَعْدِ الذِّكْرِ أَنَّ الْأَرْضَ يَرِثُهَا عِبَادِيَ الصَّالِحُونَ
और हमने तो नसीहत (तौरेत) के बाद यक़ीनन जुबूर में लिख ही दिया था कि रूए ज़मीन के वारिस हमारे नेक बन्दे होंगे
106إِنَّ فِي هَٰذَا لَبَلَاغًا لِّقَوْمٍ عَابِدِينَ
इसमें शक नहीं कि इसमें इबादत करने वालों के लिए (एहकामें खुदा की) तबलीग़ है
107وَمَا أَرْسَلْنَاكَ إِلَّا رَحْمَةً لِّلْعَالَمِينَ
और (ऐ रसूल) हमने तो तुमको सारे दुनिया जहाँन के लोगों के हक़ में अज़सरतापा रहमत बनाकर भेजा
108قُلْ إِنَّمَا يُوحَىٰ إِلَيَّ أَنَّمَا إِلَٰهُكُمْ إِلَٰهٌ وَاحِدٌ ۖ فَهَلْ أَنتُم مُّسْلِمُونَ
तुम कह दो कि मेरे पास तो बस यही ''वही'' आई है कि तुम लोगों का माबूद बस यकता खुदा है तो क्या तुम (उसके) फरमाबरदार बन्दे बनते हो
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अनुवाद — अल-अंबिया 106

सूरा अल-अंबिया आयत 106 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसमें शक नहीं कि इसमें इबादत करने वालों के लिए…

सूरा आयत 106/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 104–108. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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