Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الزَّبُورِ (अज़-ज़बूर): से अभिप्राय वे किताबें हैं जो अल्लाह ने अपने नबियों पर उतारीं, जैसे तौरात, ज़बूर, इंजील और कुरआन।
- الذِّكْرِ (अज़-ज़िक्र): यहाँ इससे अभिप्राय लौह-ए-महफ़ूज़ (सुरक्षित पट्टिका) है, जिसमें अल्लाह ने सब कुछ लिख दिया है।
- يَرِثُهَا (यरिसुहा): विरासत में पाना, यानी उसका मालिक बनना।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में बताते हैं कि उसने अपनी पहले की उतारी हुई किताबों में, उसके बाद जो लौह-ए-महफ़ूज़ में लिखा था, यह बात लिख दी थी कि "धरती का उत्तराधिकार मेरे नेक बंदों को मिलेगा।" यह अल्लाह का वादा है जो उसने अपने नबियों की किताबों में किया।
इस आयत में "नेक बंदों" से अभिप्राय वे लोग हैं जो अल्लाह के आदेशों का पालन करते हैं और उसकी मनाही से बचते हैं। अधिकांश मुफ़स्सिरों के अनुसार, ये नेक बंदे उम्मत-ए-मुहम्मदिया (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) हैं, जिन्हें अल्लाह ने यह सम्मान दिया कि वे कुफ़्फ़ार की धरती के वारिस बनेंगे और उसे फ़तह करेंगे। साथ ही, यह वादा आख़िरत में जन्नत की विरासत की ओर भी इशारा करता है, क्योंकि जन्नत भी अल्लाह के नेक बंदों को ही मिलेगी।
यह आयत मुसलमानों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। अल्लाह ने अपने नबियों की किताबों में यह बात पहले ही लिख दी थी कि आख़िरी उम्मत (उम्मत-ए-मुहम्मदी) ही धरती की विरासत पाएगी। यह अल्लाह की ओर से एक पक्का वादा है, जो कभी टूटता नहीं।
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह की मदद और नुसरत उन्हीं को मिलती है जो नेकी और परहेज़गारी (तक़वा) अपनाते हैं। अगर हम चाहते हैं कि अल्लाह हमें ज़मीन का वारिस बनाए, हमें इज़्ज़त और कामयाबी दे, तो हमें अपने आप को सुधारना होगा, नेक बनना होगा और अल्लाह की इबादत को अपनी ज़िंदगी का असली मक़सद बनाना होगा।
याद रखिए, यह वादा सिर्फ़ पुरानी उम्मतों के लिए नहीं था, बल्कि यह हमारे लिए भी है। अल्लाह ने हमें यह बशारत दी है कि अगर हम नेक बनेंगे, तो धरती की विरासत हमारी होगी। यह हमारे लिए एक बड़ी तरग़ीब (प्रोत्साहन) है कि हम नेकी की राह पर चलें, अल्लाह के दीन की मदद करें, और अल्लाह से वादा है कि वह हमें ज़मीन पर हुकूमत देगा, जैसा उसने पहले के नेक बंदों को दी थी।
आइए, हम सब मिलकर इस वादे पर यक़ीन करें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के हुक्मों के मुताबिक़ बनाने की कोशिश करें, ताकि हम उन नेक बंदों में शामिल हो सकें जिनके लिए यह खुशखबरी है। अल्लाह हमें नेकी की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 103-107 — सूरा अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 105
सूरा अल-अंबिया आयत 105 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने तो नसीहत (तौरेत) के बाद यक़ीनन जुबूर में…सूरा आयत 105/112 — सूरा अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंबिया सुनें, सूरा अल-अंबिया अनुवाद, सूरा अल-अंबिया mp3, सूरा अल-अंबिया pdf. आयत 103–107. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंबिया
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


