अल-हज · 6/78
अनुवाद उच्चारण — अल-हज
ذَٰلِكَ بِأَنَّ اللَّهَ هُوَ الْحَقُّ وَأَنَّهُ يُحْيِي الْمَوْتَىٰ وَأَنَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ ۝٦
Zaalika bi annal laaha Huwal haqqu wa annahoo yuhyil mawtaa wa annahoo `alaakulli shai`in Qadeer
📖 हिंदी अर्थ
कि बेशक खुदा बरहक़ है और (ये भी कि) बेशक वही मुर्दों को जिलाता है और वह यक़ीनन हर चीज़ पर क़ादिर है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ذَٰلِكَ (ज़ालिक): यह वह (बात) है।
  • الْحَقُّ (अल-हक़): सत्य, जिसका अस्तित्व निश्चित हो और जिसकी उपासना के योग्य हो।
  • يُحْيِي الْمَوْتَى (युह्यिल-मौता): मुर्दों को जीवित करता है।
  • قَدِيرٌ (क़दीर): हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखने वाला।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उन पिछली आयतों की ओर संकेत करती है जिनमें मनुष्य की पैदाइश के विभिन्न चरणों (मिट्टी, नुत्फ़ा, जमा हुआ खून, गोश्त का टुकड़ा, हड्डियाँ, फिर मांसपेशियाँ, फिर जन्म) और धरती के सूखेपन के बाद उसके हरे-भरे होने का ज़िक्र हुआ था। ये सारे नज़ारे अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) के जीते-जागते सबूत हैं।

इन्हीं सबूतों की बिना पर अल्लाह फ़रमाता है कि यह सब कुछ इसलिए है ताकि तुम जान लो कि अल्लाह ही सच्चा माबूद (उपास्य) है। वही हक़ है, जिसकी इबादत (उपासना) सच्ची है। उसके सिवा जिन्हें तुम पुकारते हो—चाहे वे मूर्तियाँ हों या कोई और—वे सब बातिल (झूठे) हैं, क्योंकि वे न कुछ पैदा कर सकते हैं और न किसी को फ़ायदा या नुक़सान पहुँचा सकते हैं।

फिर अल्लाह ने दो और बातें बयान कीं:

पहली: वही मुर्दों को ज़िंदा करता है। जिस तरह वह पहली बार पैदा करता है और सूखी धरती को हरा-भरा कर देता है, उसी तरह वह क़यामत के दिन सबको दोबारा ज़िंदा करके उठाएगा। यह उसके लिए बिल्कुल आसान है।

दूसरी: वह हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखता है। उसकी क़ुदरत के आगे कोई चीज़ असम्भव नहीं है। न मुर्दों का ज़िंदा होना उसके लिए मुश्किल है, न किसी और काम में उसे किसी की मदद की ज़रूरत है।

यह आयत हमें सिखाती है कि जब हम अपने चारों ओर अल्लाह की क़ुदरत के नज़ारे देखते हैं—अपनी पैदाइश के मरहले, ज़मीन का उपजाऊ होना, बारिश का बरसना—तो हमारा दिल उस सच्चे मालिक की तरफ़ मुड़ जाना चाहिए। यही वह हक़ है जिसे पहचानकर इंसान अपनी ज़िंदगी को सही राह पर ले आता है। और जब हमें यक़ीन हो जाए कि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है, तो हमें किसी और से डरने या किसी और से उम्मीद रखने की ज़रूरत नहीं। वही हमारी सुनता है, वही हमारी मदद करता है, और उसी की तरफ़ हमें लौटकर जाना है।

यह आयत हमें यह भी बताती है कि मौत अंत नहीं है, बल्कि एक दरवाज़ा है। जो लोग इस जीवन को ही सब कुछ समझ लेते हैं, वे बड़े नुक़सान में हैं। सच्ची कामयाबी उसी की है जो अल्लाह को अपना रब मानकर उसकी इबादत करे और उस दिन की तैयारी करे जब सबको ज़िंदा होकर उसके सामने पेश होना है।

🎧 सुनें

📜 आयत 4-8 — अल-हज

4كُتِبَ عَلَيْهِ أَنَّهُ مَن تَوَلَّاهُ فَأَنَّهُ يُضِلُّهُ وَيَهْدِيهِ إِلَىٰ عَذَابِ السَّعِيرِ
जिन (की पेशानी) के ऊपर (ख़ते तक़दीर से) लिखा जा चुका है कि जिसने उससे दोस्ती की हो तो ये यक़ीनन उसे गुमराह करके छोड़ेगा और दोज़ख़ के अज़ाब तक पहुँचा देगा
5يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِن كُنتُمْ فِي رَيْبٍ مِّنَ الْبَعْثِ فَإِنَّا خَلَقْنَاكُم مِّن تُرَابٍ ثُمَّ مِن نُّطْفَةٍ ثُمَّ مِنْ عَلَقَةٍ ثُمَّ مِن مُّضْغَةٍ مُّخَلَّقَةٍ وَغَيْرِ مُخَلَّقَةٍ لِّنُبَيِّنَ لَكُمْ ۚ وَنُقِرُّ فِي الْأَرْحَامِ مَا نَشَاءُ إِلَىٰ أَجَلٍ مُّسَمًّى ثُمَّ نُخْرِجُكُمْ طِفْلًا ثُمَّ لِتَبْلُغُوا أَشُدَّكُمْ ۖ وَمِنكُم مَّن يُتَوَفَّىٰ وَمِنكُم مَّن يُرَدُّ إِلَىٰ أَرْذَلِ الْعُمُرِ لِكَيْلَا يَعْلَمَ مِن بَعْدِ عِلْمٍ شَيْئًا ۚ وَتَرَى الْأَرْضَ هَامِدَةً فَإِذَا أَنزَلْنَا عَلَيْهَا الْمَاءَ اهْتَزَّتْ وَرَبَتْ وَأَنبَتَتْ مِن كُلِّ زَوْجٍ بَهِيجٍ
लोगों अगर तुमको (मरने के बाद) दोबारा जी उठने में किसी तरह का शक है तो इसमें शक नहीं कि हमने तुम्हें शुरू-शुरू मिट्टी से उसके बाद नुत्फे से उसके बाद जमे हुए ख़ून से फिर उस लोथड़े से जो पूरा (सूडौल हो) या अधूरा हो पैदा किया ताकि तुम पर (अपनी कुदरत) ज़ाहिर करें (फिर तुम्हारा दोबारा ज़िन्दा) करना क्या मुश्किल है और हम औरतों के पेट में जिस (नुत्फे) को चाहते हैं एक मुद्दत मुअय्यन तक ठहरा रखते हैं फिर तुमको बच्चा बनाकर निकालते हैं फिर (तुम्हें पालते हैं) ताकि तुम अपनी जवानी को पहुँचो और तुममें से कुछ लोग तो ऐसे हैं जो (क़ब्ल बुढ़ापे के) मर जाते हैं और तुम में से कुछ लोग ऐसे हैं जो नाकारा ज़िन्दगी बुढ़ापे तक फेर लाए हैं जातें ताकि समझने के बाद सठिया के कुछ भी (ख़ाक) न समझ सके और तो ज़मीन को मुर्दा (बेकार उफ़तादा) देख रहा है फिर जब हम उस पर पानी बरसा देते हैं तो लहलहाने और उभरने लगती है और हर तरह की ख़ुशनुमा चीज़ें उगती है तो ये क़ुदरत के तमाशे इसलिए दिखाते हैं ताकि तुम जानो
6ذَٰلِكَ بِأَنَّ اللَّهَ هُوَ الْحَقُّ وَأَنَّهُ يُحْيِي الْمَوْتَىٰ وَأَنَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
कि बेशक खुदा बरहक़ है और (ये भी कि) बेशक वही मुर्दों को जिलाता है और वह यक़ीनन हर चीज़ पर क़ादिर है
7وَأَنَّ السَّاعَةَ آتِيَةٌ لَّا رَيْبَ فِيهَا وَأَنَّ اللَّهَ يَبْعَثُ مَن فِي الْقُبُورِ
और क़यामत यक़ीनन आने वाली है इसमें कोई शक नहीं और बेशक जो लोग क़ब्रों में हैं उनको खुदा दोबारा ज़िन्दा करेगा
8وَمِنَ النَّاسِ مَن يُجَادِلُ فِي اللَّهِ بِغَيْرِ عِلْمٍ وَلَا هُدًى وَلَا كِتَابٍ مُّنِيرٍ
और लोगों में से कुछ ऐसे भी है जो बेजाने बूझे बे हिदायत पाए बगैर रौशन किताब के (जो उसे राह बताए) खुदा की आयतों से मुँह मोडे
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Tuesday, August 18, 2026

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