अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذَٰلِكَ (ज़ालिक): यह वह (बात) है।
- الْحَقُّ (अल-हक़): सत्य, जिसका अस्तित्व निश्चित हो और जिसकी उपासना के योग्य हो।
- يُحْيِي الْمَوْتَى (युह्यिल-मौता): मुर्दों को जीवित करता है।
- قَدِيرٌ (क़दीर): हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन पिछली आयतों की ओर संकेत करती है जिनमें मनुष्य की पैदाइश के विभिन्न चरणों (मिट्टी, नुत्फ़ा, जमा हुआ खून, गोश्त का टुकड़ा, हड्डियाँ, फिर मांसपेशियाँ, फिर जन्म) और धरती के सूखेपन के बाद उसके हरे-भरे होने का ज़िक्र हुआ था। ये सारे नज़ारे अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) के जीते-जागते सबूत हैं।
इन्हीं सबूतों की बिना पर अल्लाह फ़रमाता है कि यह सब कुछ इसलिए है ताकि तुम जान लो कि अल्लाह ही सच्चा माबूद (उपास्य) है। वही हक़ है, जिसकी इबादत (उपासना) सच्ची है। उसके सिवा जिन्हें तुम पुकारते हो—चाहे वे मूर्तियाँ हों या कोई और—वे सब बातिल (झूठे) हैं, क्योंकि वे न कुछ पैदा कर सकते हैं और न किसी को फ़ायदा या नुक़सान पहुँचा सकते हैं।
फिर अल्लाह ने दो और बातें बयान कीं:
पहली: वही मुर्दों को ज़िंदा करता है। जिस तरह वह पहली बार पैदा करता है और सूखी धरती को हरा-भरा कर देता है, उसी तरह वह क़यामत के दिन सबको दोबारा ज़िंदा करके उठाएगा। यह उसके लिए बिल्कुल आसान है।
दूसरी: वह हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखता है। उसकी क़ुदरत के आगे कोई चीज़ असम्भव नहीं है। न मुर्दों का ज़िंदा होना उसके लिए मुश्किल है, न किसी और काम में उसे किसी की मदद की ज़रूरत है।
यह आयत हमें सिखाती है कि जब हम अपने चारों ओर अल्लाह की क़ुदरत के नज़ारे देखते हैं—अपनी पैदाइश के मरहले, ज़मीन का उपजाऊ होना, बारिश का बरसना—तो हमारा दिल उस सच्चे मालिक की तरफ़ मुड़ जाना चाहिए। यही वह हक़ है जिसे पहचानकर इंसान अपनी ज़िंदगी को सही राह पर ले आता है। और जब हमें यक़ीन हो जाए कि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है, तो हमें किसी और से डरने या किसी और से उम्मीद रखने की ज़रूरत नहीं। वही हमारी सुनता है, वही हमारी मदद करता है, और उसी की तरफ़ हमें लौटकर जाना है।
यह आयत हमें यह भी बताती है कि मौत अंत नहीं है, बल्कि एक दरवाज़ा है। जो लोग इस जीवन को ही सब कुछ समझ लेते हैं, वे बड़े नुक़सान में हैं। सच्ची कामयाबी उसी की है जो अल्लाह को अपना रब मानकर उसकी इबादत करे और उस दिन की तैयारी करे जब सबको ज़िंदा होकर उसके सामने पेश होना है।
📜 आयत 4-8 — अल-हज
अनुवाद — अल-हज 6
सूरा अल-हज आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि बेशक खुदा बरहक़ है और (ये भी कि) बेशक…सूरा आयत 6/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








