अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- السَّاعَةَ – क़ियामत का दिन, वह समय जब सारा संसार समाप्त हो जाएगा।
- آتِيَةٌ – आने वाली, निश्चित रूप से घटित होने वाली।
- لَا رَيْبَ – कोई संदेह नहीं, कोई शक नहीं।
- يَبْعَثُ – उठाना, जीवित करना, दोबारा ज़िंदा करना।
- مَن فِي الْقُبُورِ – जो लोग क़ब्रों में हैं (अर्थात मृतक)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में दो महान सत्यों की ओर इशारा कर रहे हैं, जो ईमान की बुनियाद हैं:
पहला सत्य: क़ियामत (प्रलय) का दिन निश्चित रूप से आने वाला है। इसमें कोई संदेह नहीं। यह दिन अवश्य आएगा, चाहे लोग इसे दूर समझें या इसका इनकार करें। अल्लाह का वादा सत्य है और उसका वादा कभी टलता नहीं। यह दिन इसलिए आएगा ताकि दुनिया का हिसाब-किताब हो सके, नेकी और बदी का फल मिल सके, और अल्लाह की अदालत स्थापित हो।
दूसरा सत्य: अल्लाह तआला उन सभी लोगों को क़ब्रों से उठाएगा जो मर चुके हैं। यह पुनरुत्थान (हश्र) अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) से होगा। जिस तरह अल्लाह ने पहली बार इंसान को पैदा किया, उसी तरह वह उसे दोबारा ज़िंदा करने पर पूरी तरह क़ादिर (सक्षम) है। यह पुनरुत्थान इसलिए होगा ताकि हर इंसान को उसके अच्छे या बुरे कर्मों का पूरा बदला मिल सके।
यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि यह दुनिया ही सब कुछ नहीं है। मौत के बाद एक और ज़िंदगी है, जो हमेशा रहने वाली है। जो लोग इस दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं, उसके हुक्मों पर चलते हैं, वे उस दिन कामयाब होंगे। और जो लोग अल्लाह की नाफ़रमानी करते हैं, वे अपने किए की सज़ा पाएँगे।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हर उस इंसान के लिए एक बड़ी ख़ुशख़बरी है जो इस दुनिया में मज़लूम है, जिसके साथ ज़ुल्म हुआ है, जिसे इंसाफ़ नहीं मिला। क़ियामत का दिन उसके लिए इंसाफ़ का दिन होगा। अल्लाह उस दिन हर ज़ालिम से मज़लूम का हक़ दिलाएगा। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हमारी ज़िंदगी बेमक़सद नहीं है। हमें इस दुनिया में अच्छे कर्म करने चाहिए, दूसरों की मदद करनी चाहिए, और अल्लाह की रज़ा (प्रसन्नता) के लिए जीना चाहिए। जो लोग अल्लाह पर ईमान रखते हैं और उसके रास्ते पर चलते हैं, उनके लिए उस दिन बड़ी कामयाबी और हमेशा की ख़ुशी है। अल्लाह का वादा सच्चा है, और उसका फैसला बिल्कुल न्यायपूर्ण होगा।
📜 आयत 5-9 — अल-हज
अनुवाद — अल-हज 7
सूरा अल-हज आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और क़यामत यक़ीनन आने वाली है इसमें कोई शक नहीं…सूरा आयत 7/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








