Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَنَنظُرُ: हम देखेंगे, अर्थात हम इस मामले की जाँच-पड़ताल करेंगे।
- أَصَدَقْتَ: क्या तूने सच कहा?
- مِنَ الْكَاذِبِينَ: झूठ बोलने वालों में से।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हुदहुद (पक्षी) ने सुलैमान अलैहिस्सलाम को सबा (सबा) की रानी और उसकी क़ौम के बारे में ख़बर दी, जो सूरज की पूजा करती थी, तो सुलैमान अलैहिस्सलाम ने उसकी बात को पूरी तरह से स्वीकार नहीं कर लिया, बल्कि एक नबी और बादशाह होने के नाते उन्होंने पूरी सत्यता और सावधानी से काम लिया। उन्होंने हुदहुद से कहा: "हम देखेंगे और जाँच करेंगे कि तूने सच कहा है या तू झूठ बोलने वालों में से है।"
यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण शिक्षा है कि किसी भी ख़बर को बिना सत्यापन के स्वीकार नहीं करना चाहिए, चाहे वह ख़बर कितनी भी अहम क्यों न हो। सुलैमान अलैहिस्सलाम ने हुदहुद को धमकी नहीं दी, बल्कि उसे मौका दिया कि वह अपनी बात का सबूत पेश करे। यह न्याय और सत्य की तलाश का एक बेहतरीन उदाहरण है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें हर मामले में सच्चाई की जाँच करनी चाहिए और किसी भी बात को बिना प्रमाण के नहीं मान लेना चाहिए। अल्लाह तआला हमें सच्चाई पर चलने और झूठ से बचने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 25-29 — सूरा अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 27
सूरा अन-नमल आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ग़रज़) सुलेमान ने कहा हम अभी देखते हैं कि तूने…सूरा आयत 27/93 — सूरा अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नमल सुनें, सूरा अन-नमल अनुवाद, सूरा अन-नमल mp3, सूरा अन-नमल pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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