अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ख़ावियतन (خَاوِيَةً) — खाली, वीरान, बर्बाद
- बिमा ज़लमू (بِمَا ظَلَمُوا) — उनके ज़ुल्म की वजह से, उनके अत्याचार के कारण
- आयतन (آيَةً) — निशानी, सबक, सीख
- यक़लमून (يَعْلَمُونَ) — जो जानते हैं, समझते हैं
तफ़सीर (व्याख्या):
देखो! ये हैं वो घर जो कभी उनके जीवन की रौनक़ थे, जहाँ उनकी चहल-पहल, उनकी दौलत और उनकी शान-ओ-शौकत का साम्राज्य था। लेकिन आज वही घर खंडहर बन चुके हैं, उनकी दीवारें गिर पड़ी हैं, उनकी छतें ढह गई हैं, और वे बिल्कुल खाली और वीरान पड़े हैं। उनमें कोई बसने वाला नहीं, कोई आवाज़ देने वाला नहीं, सिर्फ़ सन्नाटा और तबाही का मंज़र है।
यह सब क्यों हुआ? इसलिए कि उन्होंने ज़ुल्म किया — अपने ऊपर ज़ुल्म किया, अपने नबी को झुठलाया, अल्लाह के साथ शिर्क किया और उसकी नाफ़रमानी में सरकशी की। उनका ज़ुल्म ही उनकी तबाही का सबब बना। जब अल्लाह का अज़ाब आया तो उन्हें ऐसे उखाड़ फेंका कि उनके घर उनके लिए क़ब्रगाह बन गए।
इसमें कोई शक नहीं कि इस वाक़िए में एक बहुत बड़ी निशानी है — एक ज़बरदस्त सबक है — उन लोगों के लिए जो जानते और समझते हैं। जो लोग अल्लाह की क़ुदरत को पहचानते हैं, जो इतिहास से सीख लेते हैं, जो आँखें खोलकर देखते हैं कि अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) कभी नहीं बदलती — जो लोग अपने नबियों को झुठलाते हैं, उनका अंजाम यही होता है।
यह सिर्फ़ एक क़ौम की कहानी नहीं है, बल्कि हर उस इंसान के लिए आईना है जो आज भी हक़ को ठुकराता है और बातिल को अपनाता है। अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन वह रहम करने वाला भी है। जो लोग सीख लेते हैं, वे अपनी ज़िंदगी को संवार लेते हैं, और जो आँखें बंद कर लेते हैं, वे उसी अंजाम की तरफ बढ़ते हैं।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह क़ुरआन का पैग़ाम है कि हम इतिहास से सबक लें। अल्लाह ने ये क़िस्से इसलिए सुनाए ताकि हम सीधे रास्ते पर चलें, उसकी इबादत करें, अपने नबी की पैरवी करें और उन लोगों की तरह न बनें जिनका अंजाम तबाही और बर्बादी थी। यही सच्ची कामयाबी है — कि हम अल्लाह के फरमानों को मानें और उसकी रहमत के हक़दार बनें।
📜 आयत 50-54 — अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 52
सूरा अन-नमल आयत 52 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये बस उनके घर हैं कि उनकी नाफरमानियों की वज़ह…सूरा आयत 52/93 — अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नमल सुनें, अन-नमल अनुवाद, अन-नमल mp3, अन-नमल pdf. आयत 50–54. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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