Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَكْرِهِمْ: उनकी चालाकी, धोखा और साज़िश।
- عَاقِبَةُ: अंजाम, परिणाम, जो बाद में सामने आए।
- دَمَّرْنَاهُمْ: हमने उन्हें जड़ से उखाड़ फेंका, पूरी तरह तबाह कर दिया।
- أَجْمَعِينَ: सबको मिलाकर, एक साथ, बिना किसी को छोड़े।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! ज़रा उन षड्यंत्रकारियों के मामले पर ग़ौर करो, जिन्होंने अपने नबी सालेह (अलैहिस्सलाम) को शहीद करने की साज़िश रची थी। उनके मकर का अंजाम देखो — उन्होंने सोचा था कि वे अपनी चालाकी से सालेह और उनके साथियों को ख़त्म कर देंगे, लेकिन अल्लाह ने उनकी सारी योजनाओं को ध्वस्त कर दिया। उनके उसी मकर ने उन्हें ही हलाक कर दिया। अल्लाह ने उन्हें और उनकी पूरी क़ौम को एक साथ ऐसे तबाह किया कि कोई बच न सका। यह सिर्फ़ एक इतिहास नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए सबक़ है जो अल्लाह के दीन को रोकने या उसके नबियों के ख़िलाफ़ साज़िश करता है।
अल्लाह का अज़ाब उन पर इस तरह आया कि उनकी सारी ताक़त, उनकी सारी चालाकियाँ और उनके सारे इंतज़ामात बेकार हो गए। जो लोग सोचते हैं कि वे अल्लाह की पकड़ से बच सकते हैं, वे बड़ी भूल में हैं। अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और उसका फ़ैसला आने पर कोई उसे टाल नहीं सकता।
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि बुराई की साज़िश करने वालों का अंजाम हमेशा बुरा होता है। चाहे वे कितने भी ताक़तवर क्यों न हों, अल्लाह उन्हें उनके किए की सज़ा ज़रूर देता है। और जो लोग अल्लाह पर भरोसा करते हैं, उनके लिए अल्लाह हमेशा रास्ता निकालता है। सालेह (अलैहिस्सलाम) को अल्लाह ने बचा लिया, और उनके दुश्मनों को ज़मीन में इस तरह मिटा दिया कि आज उनका कोई नामो-निशान नहीं।
यह क़िस्सा हमें बताता है कि अल्लाह का दीन हमेशा बुलंद रहता है, चाहे दुश्मन कितनी भी कोशिशें कर लें। ईमान वालों को चाहिए कि वे अल्लाह पर भरोसा रखें और कभी निराश न हों, क्योंकि अल्लाह अपने बंदों की मदद करता है और सच्चाई को हमेशा कामयाब करता है। यही वादा हर ज़माने में अल्लाह ने अपने नेक बंदों से किया है।
📜 आयत 49-53 — सूरा अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 51
सूरा अन-नमल आयत 51 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (ऐ रसूल) तुम देखो उनकी तदबीर का क्या (बुरा)…सूरा आयत 51/93 — सूरा अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नमल सुनें, सूरा अन-नमल अनुवाद, सूरा अन-नमल mp3, सूरा अन-नमल pdf. आयत 49–53. हिंदी अर्थ: اردو.
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Saturday, October 3, 2026
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