Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَضَىٰ نَحْبَهُ: अपनी प्रतिज्ञा पूरी कर ली, अर्थात अपनी मृत्यु या शहादत तक उस पर दृढ़ रहे। "نحب" का अर्थ है नज़्र (प्रतिज्ञा) या मृत्यु।
- يَنتَظِرُ: प्रतीक्षा कर रहा है, अर्थात शहादत या विजय की प्रतीक्षा में है।
- مَا بَدَّلُوا تَبْدِيلًا: उन्होंने अपने वचन या प्रतिज्ञा में कोई परिवर्तन नहीं किया, न ही उसे तोड़ा।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत मोमिनों (सच्चे ईमानवालों) के उस गुण का वर्णन करती है जो उन्हें मुनाफ़िक़ों (कपटियों) से अलग करता है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ईमानवालों में कुछ ऐसे सच्चे लोग हैं जिन्होंने अल्लाह से किए गए अपने वचन को सच्चा कर दिखाया। उन्होंने अल्लाह से प्रतिज्ञा की थी कि वे जिहाद में दृढ़ रहेंगे, कठिनाइयों पर सब्र करेंगे और अपने दीन पर क़ायम रहेंगे।
इनमें से कुछ लोग अपनी प्रतिज्ञा पर तब तक दृढ़ रहे जब तक कि उन्होंने शहादत प्राप्त नहीं कर ली — यानी वे अल्लाह के रास्ते में शहीद हो गए या अपनी स्वाभाविक मृत्यु तक सच्चाई और वफ़ादारी पर क़ायम रहे। और कुछ लोग अभी भी उसी प्रतिज्ञा पर दृढ़ हैं और शहादत या विजय — इन दोनों में से किसी एक अच्छे अंजाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने अपने वचन को बिल्कुल नहीं बदला, न उसे तोड़ा, न उसमें कोई कमी की — जैसा कि मुनाफ़िक़ों ने किया जो मुश्किल समय आते ही अपने वचन से मुकर गए।
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चा ईमान सिर्फ़ ज़ुबान से नहीं, बल्कि अमल और सच्चाई से होता है। जो लोग अल्लाह से वचन लेते हैं, उन्हें उसे पूरा करना चाहिए — चाहे जान ही क्यों न देनी पड़े। यही वफ़ादारी और सच्चाई मोमिन की पहचान है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह के रास्ते में दृढ़ता और वचन की पूर्ति का कितना ऊँचा मुक़ाम है। जो लोग अपने ईमान पर सच्चे रहते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया में भी इज़्ज़त देता है और आख़िरत में भी। शहादत की मौत कितनी प्यारी है — यह वह मौत है जो नबीयों और सिद्दीक़ों का साथ देती है। हमें भी चाहिए कि अपने ईमान और अल्लाह से किए गए वचनों पर दृढ़ रहें, क्योंकि यही कामयाबी का रास्ता है। अल्लाह हमें सच्चे मोमिनों में शामिल करे और हमें अपने वचन पर क़ायम रहने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 21-25 — सूरा अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 23
सूरा अल-अहज़ाब आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ईमानदारों में से कुछ लोग ऐसे भी हैं कि खुदा…सूरा आयत 23/73 — सूरा अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहज़ाब सुनें, सूरा अल-अहज़ाब अनुवाद, सूरा अल-अहज़ाब mp3, सूरा अल-अहज़ाब pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहज़ाब
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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