Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- الأَحْزَاب (अहज़ाब): विभिन्न जनजातियों और समूहों का गठबंधन जो मदीना पर आक्रमण करने के लिए एकत्र हुए थे।
- تَسْلِيمًا (तस्लीमन): पूर्ण आत्मसमर्पण, अल्लाह के आदेश के आगे सिर झुकाना और उसके फैसले पर संतुष्ट रहना।
तफ़सीर:
जब ईमानवालों ने अहज़ाब (विभिन्न कबीलों के संयुक्त गठबंधन) को देखा जो मदीना को घेरे हुए थे और उनके चारों ओर एकत्र हो गए थे, तो उन्होंने घबराहट और भय के बजाय वही बात कही जो अल्लाह और उसके रसूल ने उन्हें पहले से बता दी थी। उन्होंने कहा: "यह वही है जिसका अल्लाह और उसके रसूल ने हमसे वादा किया था।" उन्हें याद आया कि अल्लाह ने अपनी किताब में और उसके रसूल ﷺ ने अपनी बातों में पहले ही बता दिया था कि ईमानवालों को परीक्षाओं, कठिनाइयों और संघर्षों का सामना करना पड़ेगा, और इसके बाद ही विजय और सफलता मिलेगी। यह परीक्षा उनके ईमान की सच्चाई को प्रकट करने का ज़रिया थी।
फिर उन्होंने कहा: "और अल्लाह और उसके रसूल ने सच कहा।" यानी जो वादा किया गया था, वह पूरा हुआ। यह दृश्य देखकर उनके ईमान में कोई कमी नहीं आई, बल्कि उनका ईमान और अधिक मज़बूत हुआ और अल्लाह के प्रति उनकी समर्पण भावना और बढ़ गई। उन्होंने अल्लाह के फैसले पर पूर्ण संतुष्टि का प्रदर्शन किया और उसके आदेश के आगे सिर झुका दिया।
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चे ईमानवालों की पहचान यह है कि वे कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अल्लाह पर भरोसा रखते हैं और उसके वादे को सच मानते हैं। मुसीबतें और परीक्षाएं उन्हें कमज़ोर नहीं करतीं, बल्कि उनके ईमान को और मज़बूत करती हैं। यही वह दृढ़ विश्वास है जो मुसलमान को हर हाल में सब्र और शुक्र पर क़ायम रखता है।
प्यारे भाइयों और बहनों! जब भी जीवन में कठिनाइयाँ आएं, तो याद रखें कि अल्लाह का वादा सच्चा है। हर परीक्षा के बाद आसानी है, हर मुसीबत के बाद राहत है। ईमानवालों के लिए हर हालत में भलाई है - जब वे सुख में हों तो शुक्र करें और जब दुख में हों तो सब्र करें। यही वह रास्ता है जो हमें अल्लाह की रहमत और उसकी मदद तक पहुँचाता है।
📜 आयत 20-24 — सूरा अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 22
सूरा अल-अहज़ाब आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब सच्चे ईमानदारों ने (कुफ्फार के) जमघटों को देखा…सूरा आयत 22/73 — सूरा अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहज़ाब सुनें, सूरा अल-अहज़ाब अनुवाद, सूरा अल-अहज़ाब mp3, सूरा अल-अहज़ाब pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहज़ाब
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


