अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَنزَغَنَّكَ – शैतान की ओर से कोई खटक या विक्षोभ पहुँचे।
- نَزْغٌ – शैतान की वह वसवसा (फुसफुसाहट) जो इंसान को बुराई की ओर उकसाए, जैसे कोई चुभन या धक्का।
- فَاسْتَعِذْ – अल्लाह की पनाह माँगो।
- السَّمِيعُ – सब कुछ सुनने वाला।
- العَلِيمُ – सब कुछ जानने वाला।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने प्यारे नबी ﷺ और उनके माध्यम से पूरी उम्मत को एक बहुत ही अनमोल नुस्खा सिखा रहा है। जब भी शैतान तुम्हारे दिल में कोई बुरा ख्याल डाले, किसी बुरे काम की तरफ उकसाए, या किसी को बुराई का जवाब बुराई से देने के लिए भड़काए – उसी वक्त तुम अल्लाह की पनाह माँग लो। शैतान का यह काम ऐसा है जैसे वह इंसान को चुभता है, उसे भड़काता है और उसे गलत रास्ते पर ले जाने की कोशिश करता है।
यह नसीहत सिर्फ नबी ﷺ के लिए नहीं, बल्कि हर मोमिन के लिए है। जब भी गुस्सा आए, जब भी दिल में किसी के खिलाफ बदले की भावना पैदा हो, जब भी कोई बुरा ख्याल आए – तो तुरंत "أَعُوذُ بِاللَّهِ مِنَ الشَّيْطَانِ الرَّجِيمِ" कहो। यह एक ढाल है जो शैतान के हमलों से बचाती है।
अल्लाह ने यह भी बताया कि वह सुनने वाला है – वह तुम्हारी पनाह माँगने की दुआ को सुनता है, और जानने वाला है – वह तुम्हारी नीयत और हालत को जानता है। जब तुम सच्चे दिल से अल्लाह से पनाह माँगते हो, तो वह ज़रूर तुम्हारी हिफाज़त करता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि हम कमज़ोर हैं और शैतान हमारा पुराना दुश्मन है, लेकिन अल्लाह की पनाह सबसे मज़बूत किला है। जो इस किले में दाखिल हो जाए, वह शैतान की शरारतों से महफूज़ रहता है। इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि वह इस नुस्खे को अपनी ज़िंदगी में अपनाए और जब भी शैतान की तरफ से कोई वसवसा महसूस हो, फौरन अल्लाह की पनाह माँगे। यही सच्ची कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 34-38 — फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 36
सूरा फुस्सिलत आयत 36 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर तुम्हें शैतान की तरफ से वसवसा पैदा हो…सूरा आयत 36/54 — फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फुस्सिलत सुनें, फुस्सिलत अनुवाद, फुस्सिलत mp3, फुस्सिलत pdf. आयत 34–38. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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