अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُعْرَضُ: पेश किए जाएंगे, सामने लाए जाएंगे।
- عَلَى النَّارِ: आग के सामने (जहाँ वे उसे देख सकें)।
- أَلَيْسَ هَٰذَا بِالْحَقِّ: क्या यह सत्य नहीं है?
- بَلَىٰ وَرَبِّنَا: हाँ, हमारे रब की क़सम! यह सत्य है।
- فَذُوقُوا: तो चखो (अज़ाब का मज़ा)।
- بِمَا كُنتُمْ تَكْفُرُونَ: उस कुफ्र के कारण जो तुम करते रहे।
तफ़सीर (व्याख्या):
उस दिन का दृश्य अत्यंत भयावह होगा जब काफ़िरों को आग के सामने पेश किया जाएगा। वे अपनी आँखों से उस भयानक आग को देखेंगे, उसकी लपटें और उसकी गर्मी महसूस करेंगे। उस समय उनसे पूछा जाएगा: "क्या यह अज़ाब जो तुम देख रहे हो, सत्य नहीं है? क्या यह वही चीज़ नहीं जिसे तुम दुनिया में झुठलाते थे?"
इस प्रश्न का उत्तर देते हुए वे अपनी इच्छा के विरुद्ध सत्य स्वीकार करेंगे और कहेंगे: "हाँ, हमारे रब की क़सम! यह बिल्कुल सत्य है।" लेकिन यह स्वीकारोक्ति उस समय बेकार होगी जब ईमान लाने का समय बीत चुका होगा। यह स्वीकारोक्ति उनके लिए राहत नहीं लाएगी, बल्कि उनके खिलाफ गवाही बनेगी।
तब अल्लाह की ओर से (फ़रिश्तों के माध्यम से) उनसे कहा जाएगा: "तो अब चखो इस अज़ाब का मज़ा! यह उस कुफ्र का बदला है जो तुम दुनिया में करते थे। तुमने अल्लाह की आयतों को झुठलाया, उसके रसूलों को नकारा, और अब इसका परिणाम भुगतो।"
यह वह दिन होगा जब सच्चाई हर किसी पर स्पष्ट हो जाएगी, लेकिन वहाँ से लौटना संभव नहीं होगा। यह दृश्य हमें चेतावनी देता है कि हम उन लोगों की तरह न बनें जो दुनिया में सत्य को पहचानते हुए भी उसे नकारते रहे।
याद रखिए, यह जीवन एक परीक्षा है। जो लोग आज अल्लाह की आयतों पर विश्वास करते हैं और उसकी इबादत करते हैं, वे उस दिन की भयावहता से محفوظ रहेंगे। अल्लाह अपने रहमत से हमें उस अज़ाब से बचाए और हमें सच्चे ईमान पर स्थिर रखे। आमीन।
📜 आयत 32-35 — अल-अहकाफ
अनुवाद — अल-अहकाफ 34
सूरा अल-अहकाफ आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन कुफ्फ़ार (जहन्नुम की) आग के सामने पेश किए…सूरा आयत 34/35 — अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहकाफ सुनें, अल-अहकाफ अनुवाद, अल-अहकाफ mp3, अल-अहकाफ pdf. आयत 32–35. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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