अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَلَنَبْلُوَنَّكُمْ: हम निश्चित रूप से तुम्हारी परीक्षा लेंगे।
- حَتَّىٰ نَعْلَمَ: यहाँ तक कि हम जान लें (अर्थात तुम्हारा हाल प्रकट हो जाए)।
- الْمُجَاهِدِينَ: जिहाद करने वाले (अल्लाह के मार्ग में संघर्ष करने वाले)।
- الصَّابِرِينَ: सब्र करने वाले (धैर्य धारण करने वाले)।
- وَنَبْلُوَ أَخْبَارَكُمْ: और हम तुम्हारे हालात (अच्छे-बुरे कर्मों) की जाँच करेंगे।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालों! अल्लाह तआला ने इस आयत में स्पष्ट कर दिया है कि वह तुम्हें ज़रूर परीक्षा में डालेगा। यह परीक्षा जिहाद और दुश्मनों से युद्ध के माध्यम से होगी, ताकि यह प्रकट हो जाए कि तुममें से कौन सच्चे दिल से अल्लाह के मार्ग में जिहाद करता है और कौन पीछे हटता है। यहाँ "नَعْلَمَ" (हम जान लें) का अर्थ है कि अल्लाह को तो सब कुछ पहले से ही मालूम है, लेकिन वह तुम्हारे कर्मों को ज़ाहिर करना चाहता है ताकि तुम्हारा असली चेहरा सामने आए — कौन सच्चा है और कौन झूठा, कौन सब्र करने वाला है और कौन बेसब्र। यह परीक्षा तुम्हारे अंदर छिपी हुई सच्चाई को उजागर कर देगी। तुम्हारे अच्छे और बुरे कर्म, तुम्हारी नीयतें और तुम्हारे हालात — सब कुछ सामने आ जाएगा। यह अल्लाह की रहमत और हिकमत है कि वह परीक्षा के ज़रिए ईमान वालों को अलग करता है और उनके दरजात बुलंद करता है।
दावत और नसीहत:
ऐ मुसलमानों! यह आयत हमें सिखाती है कि जीवन एक परीक्षा है, और अल्लाह उन्हीं को पसंद करता है जो मुश्किलों में सब्र करते हैं और अपने ईमान पर डटे रहते हैं। जिहाद सिर्फ युद्ध तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने नफ्स (बुरी इच्छाओं) से लड़ना, अपने परिवार और समाज को सच्चाई की राह पर लाना, और अल्लाह के आदेशों का पालन करना भी जिहाद है। जब भी आप किसी मुश्किल का सामना करें, तो याद रखें कि अल्लाह आपको परख रहा है — क्या आप सब्र करते हैं? क्या आप उसकी राह में क़ुर्बानी देते हैं? यह परीक्षा आपके लिए रहमत है, क्योंकि इसी के ज़रिए आपके दरजात बुलंद होते हैं और आप जन्नत के हक़दार बनते हैं। अल्लाह से डरो, उसकी राह में सच्चे दिल से जुटो, और यक़ीन रखो कि जो लोग सब्र और ईमान के साथ उसकी राह में चलते हैं, उनके लिए बेहतरीन इनाम तैयार है। कभी निराश न हों, क्योंकि अल्लाह की मदद सब्र करने वालों के साथ है।
📜 आयत 29-33 — मुहम्मद
अनुवाद — मुहम्मद 31
सूरा मुहम्मद आयत 31 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम तुम लोगों को ज़रूर आज़माएँगे ताकि तुममें जो…सूरा आयत 31/38 — मुहम्मद محمد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मुहम्मद सुनें, मुहम्मद अनुवाद, मुहम्मद mp3, मुहम्मद pdf. आयत 29–33. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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