Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فِدْيَةٌ (फ़िद्या): बदला, छुड़ौती, वह चीज़ जो किसी को सज़ा या आज़ाब से बचाने के लिए दी जाए।
- مَأْوَاكُمُ (मअ्वाकुम): तुम्हारा ठिकाना, तुम्हारा आश्रय स्थल।
- مَوْلَاكُمْ (मौलाकुम): यहाँ इसका अर्थ है तुम्हारा सबसे निकट का साथी, यानी आग तुम्हारे लिए सबसे ज़्यादा हक़दार है।
- مَصِيرُ (मसीर): अंतिम परिणाम, आख़िरी ठिकाना।
तफ़सीर (व्याख्या):
आज के दिन, यानी क़ियामत के दिन, तुम मुनाफ़िक़ों से कोई फ़िद्या (बदला या छुड़ौती) स्वीकार नहीं किया जाएगा, और न ही उन लोगों से जिन्होंने खुले तौर पर अल्लाह और उसके रसूल ﷺ का इनकार किया। तुम्हारी कोई भी दौलत, कोई भी रिश्ता, कोई भी सिफ़ारिश तुम्हें अल्लाह के आज़ाब से नहीं बचा सकती। यह वह दिन होगा जब हर शख्स सिर्फ़ अपने अच्छे या बुरे कर्मों का सामना करेगा।
तुम सबका ठिकाना जहन्नम की आग है। यह आग तुम्हारे लिए सबसे ज़्यादा निकट और सबसे ज़्यादा हक़दार है, क्योंकि तुमने दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी की और उसके दीन को कबूल नहीं किया। यह आग तुम्हारा मालिक बन जाएगी, यानी तुम्हारे ऊपर उसका पूरा अधिकार होगा, और तुम उससे कहीं निकल नहीं पाओगे। कितना बुरा अंजाम है यह! कितनी बुरी मंज़िल है यह!
दावती पहलू:
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी है। अल्लाह तआला ने हमें दुनिया में ज़िंदगी दी है ताकि हम उसकी इबादत करें और उसकी राह में चलें। यह मौका हमेशा नहीं रहेगा। आज हमारे पास तौबा करने का, अल्लाह की रहमत हासिल करने का और अपने गुनाहों से बचने का मौका है। क़ियामत के दिन कोई फ़िद्या काम नहीं आएगा, कोई दौलत काम नहीं आएगी, कोई रिश्तेदारी काम नहीं आएगी। इसलिए हमें चाहिए कि आज ही अपनी ज़िंदगी को सही कर लें, अल्लाह के हुक्मों पर अमल करें और उसके रसूल ﷺ की सुन्नत को अपनाएँ। अल्लाह की रहमत बहुत बड़ी है, और वह तौबा करने वालों को बहुत प्यार करता है। आज ही वापस आ जाएँ, आज ही सुधर जाएँ, क्योंकि कल का पछतावा किसी काम नहीं आएगा।
📜 आयत 13-17 — सूरा अल-हदीद
अनुवाद — अल-हदीद 15
सूरा अल-हदीद आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो आज न तो तुमसे कोई मुआवज़ा लिया जाएगा और…सूरा आयत 15/29 — सूरा अल-हदीद الحديد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हदीद सुनें, सूरा अल-हदीद अनुवाद, सूरा अल-हदीद mp3, सूरा अल-हदीद pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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