अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَتَنْتُمْ أَنفُسَكُمْ: तुमने अपने आपको नष्ट किया (नफ़ाक़ और गुनाहों के कारण)।
- وَتَرَبَّصْتُمْ: तुमने (मुसलमानों के लिए) बुरे वक़्त का इंतज़ार किया।
- وَارْتَبْتُمْ: तुमने (अल्लाह के वादे और क़ियामत पर) शक किया।
- الْأَمَانِيُّ: झूठी उम्मीदें और ख़्वाहिशें।
- الْغَرُورُ: शैतान (जो इंसान को धोखा देता है)।
तफ़सीर:
क़ियामत के दिन जब मुनाफ़िक़ (दिखावटी मुसलमान) ईमानवालों से अलग कर दिए जाएँगे, तो वे उन्हें पुकारकर कहेंगे: "क्या हम दुनिया में तुम्हारे साथ नहीं थे? हम भी तो तुम्हारे साथ नमाज़ पढ़ते थे, रोज़ा रखते थे और इस्लाम के ज़ाहिरी अहकाम पर अमल करते थे!" तब ईमानवाले जवाब देंगे: "हाँ, तुम ज़ाहिरी तौर पर हमारे साथ थे, लेकिन असल में तुमने अपने नफ़ाक़ और गुनाहों से अपनी रूहों को तबाह कर लिया। तुम मुसलमानों की मुसीबत और नुक़सान का इंतज़ार करते रहे, अल्लाह की मदद और आख़िरत के दिन पर शक करते रहे, और झूठी उम्मीदों ने तुम्हें धोखे में रखा। यहाँ तक कि मौत आ गई और तुम उसी हालत में मरे। आख़िरकार शैतान ने तुम्हें अल्लाह के बारे में धोखा दिया — उसने तुम्हें यक़ीन दिलाया कि अल्लाह माफ़ कर देगा, उसकी पकड़ सख्त नहीं होगी, और तुम बच जाओगे।"
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के सामने सिर्फ़ ज़ाहिरी अमल नहीं, बल्कि दिल का ईमान और सच्ची नीयत क़बूल है। हमें चाहिए कि अपने दिलों को नफ़ाक़, शक और झूठी उम्मीदों से पाक रखें, और शैतान के धोखे से बचने के लिए अल्लाह की रहमत और उसके अज़ाब दोनों पर यक़ीन रखें। याद रखें, मौत से पहले तौबा कर लेना ही सबसे बड़ी कामयाबी है, क्योंकि मौत के बाद कोई मौका नहीं मिलेगा। अल्लाह हमें सच्चे दिल से ईमान लाने और शैतान के धोखे से बचने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 12-16 — अल-हदीद
अनुवाद — अल-हदीद 14
सूरा अल-हदीद आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (क्यों भाई) क्या हम कभी तुम्हारे साथ न थे तो…सूरा आयत 14/29 — अल-हदीद الحديد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हदीद सुनें, अल-हदीद अनुवाद, अल-हदीद mp3, अल-हदीद pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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