अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الصِّدِّيقُونَ: वे लोग जो अपने ईमान में सच्चे हों और अपने विश्वास को अमल से साबित करें।
- الشُّهَدَاءُ: गवाह, यानी वे लोग जो क़यामत के दिन दूसरे उम्मतों पर गवाही देंगे, या फिर अल्लाह की राह में शहीद होने वाले।
- أَصْحَابُ الْجَحِيمِ: जहन्नम (नरक) में रहने वाले, यानी उसके साथी।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में मोमिनों और काफ़िरों का फ़र्क़ बयान कर रहे हैं। जिन लोगों ने अल्लाह पर ईमान लाया और उसके सभी रसूलों पर बिना किसी भेदभाव के ईमान लाए—किसी नबी को नहीं मानने से इनकार नहीं किया, न ही किसी को दूसरे से कमतर समझा—तो यही लोग सच्चे सिद्दीक़ (बहुत सच्चे) हैं। यानी उनका ईमान सिर्फ़ ज़ुबानी नहीं, बल्कि दिल, ज़ुबान और अमल तीनों से पुख़्ता है। उन्होंने अपने ईमान को अपने आचरण से साबित किया।
फिर अल्लाह फ़रमाता है कि यही लोग "शुहदा" (गवाह) हैं—अपने रब के पास उनके लिए बड़ा अज्र (इनाम) है और उनका नूर (रोशनी) क़यामत के दिन उनके आगे और दाईं तरफ़ चमकेगा, जब लोग अंधेरों में भटक रहे होंगे। यह नूर उनके ईमान और अच्छे आमाल की बरकत से मिलेगा। यह वही रोशनी है जो पुल-सिरात पर उनके क़दमों को मंज़िल तक पहुँचाएगी।
इसके मुक़ाबले में, जिन लोगों ने कुफ़्र किया और अल्लाह की आयतों (निशानियों, हिदायतों और रसूलों के मो'जिज़ात) को झुठलाया, वे जहन्नम के साथी हैं। "साथी" का लफ़्ज़ बताता है कि वे हमेशा उसमें रहेंगे, कभी बाहर नहीं निकलेंगे। उनके लिए न कोई अज्र है, न कोई नूर, बल्कि अंधेरा और अज़ाब ही अज़ाब है।
दावती पहलू:
यह आयत मोमिनों को खुशख़बरी देती है कि अल्लाह की राह में सच्चा ईमान और नेक अमल कभी ज़ाया नहीं होता। जो लोग अल्लाह और उसके रसूलों पर पूरा यक़ीन रखते हैं, वे दुनिया में भी इज़्ज़त पाते हैं और आख़िरत में भी उनका मुक़ाम बुलंद होगा। यह हमें सिखाता है कि ईमान सिर्फ़ दिल का एहसास नहीं, बल्कि अमल का तक़ाज़ा है। जो लोग इस दुनिया में अल्लाह की रोशनी में चलते हैं, अल्लाह उन्हें क़यामत के दिन भी रोशनी अता करेगा। और जो लोग हिदायत से मुँह मोड़ते हैं, वे अपने लिए अंधेरा और अज़ाब का सामान करते हैं। आओ, हम अपने ईमान को सिर्फ़ दावा न बनाएँ, बल्कि उसे अपने अमल से सच्चा साबित करें, ताकि हम भी उन सिद्दीक़ों और शुहदा के साथी बन सकें जिनका ज़िक्र अल्लाह ने इस आयत में किया है।
📜 आयत 17-21 — अल-हदीद
अनुवाद — अल-हदीद 19
सूरा अल-हदीद आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग ख़ुदा और उसके रसूलों पर ईमान लाए…सूरा आयत 19/29 — अल-हदीद الحديد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हदीद सुनें, अल-हदीद अनुवाद, अल-हदीद mp3, अल-हदीद pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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