अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- नजवा (النجوى): चुपके-चुपके बातें करना, कानाफूसी करना।
- शैतान (الشيطان): वह सर्वशक्तिमान अल्लाह का शत्रु जो इंसान को गुमराह करता है।
- लियहज़ुन (ليحزن): ताकि वह दुखी करे, गम में डाल दे।
- बिइज़्निल्लाह (بإذن الله): अल्लाह की इच्छा और अनुमति से।
- तवक्कुल (توكل): भरोसा करना, अपने सारे मामले अल्लाह को सौंप देना।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत मुसलमानों को एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात सिखाती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जो चुपके-चुपके बुरी बातें की जाती हैं—जिनमें गुनाह, ज़ुल्म और रसूल अल्लाह ﷺ की नाफ़रमानी शामिल होती है—वह दरअसल शैतान की तरफ़ से होती है। शैतान ही इन बुरी बातों को लोगों के दिलों में डालता है और उन्हें सजाता है, ताकि उसके ज़रिए मोमिनों के दिलों में गम और चिंता पैदा कर सके। शैतान चाहता है कि मुसलमान यह सोचकर परेशान हों कि उनके खिलाफ़ कोई साज़िश हो रही है, कोई बुरी योजना बन रही है।
लेकिन अल्लाह तआला ने मोमिनों को तसल्ली दी है कि यह कानाफूसी और शैतान की साज़िशें उन्हें कोई नुक़सान नहीं पहुँचा सकतीं—जब तक कि अल्लाह की इच्छा न हो। यानी अगर अल्लाह चाहे तो कोई चीज़ नुक़सान पहुँचा सकती है, और अगर वह न चाहे तो पूरी दुनिया की साज़िशें भी बेअसर रहती हैं। यह मोमिन के लिए सबसे बड़ी तसल्ली की बात है!
इसके बाद अल्लाह तआला मोमिनों को सिखाता है कि उन्हें किस पर भरोसा करना चाहिए—"और अल्लाह ही पर मोमिनों को भरोसा करना चाहिए।" यानी जब भी कोई डर, चिंता या परेशानी हो, तो सीधे अल्लाह की तरफ़ रुजू करें, उसी पर भरोसा रखें, क्योंकि वही सब कुछ करने पर क़ादिर है। शैतान की साज़िशें उसके सामने बेबस हैं।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि जब हम अल्लाह पर भरोसा करते हैं, तो हमें किसी की बुरी बातों या साज़िशों से डरने की ज़रूरत नहीं। शैतान की कोशिशें हमेशा रहेंगी, लेकिन मोमिन का दिल उसके वसवसों से महफूज़ रहता है। हमें चाहिए कि हम किसी की कानाफूसी और बुरी बातों पर ध्यान न दें, बल्कि अपना पूरा भरोसा अल्लाह पर रखें। याद रखिए, अल्लाह अपने बंदों का हाथ पकड़ता है, और जो उस पर भरोसा करता है, उसे कभी निराश नहीं करता। आइए, हम अपने दिलों को शैतान की बातों से बचाएँ और हर हाल में अल्लाह पर तवक्कुल करें—यही सच्ची कामयाबी है!
📜 आयत 8-12 — अल-मुजादिला
अनुवाद — अल-मुजादिला 10
सूरा अल-मुजादिला आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (बरी बातों की) सरगोशी तो बस एक शैतानी काम है…सूरा आयत 10/22 — अल-मुजादिला المجادلة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुजादिला सुनें, अल-मुजादिला अनुवाद, अल-मुजादिला mp3, अल-मुजादिला pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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