अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لَا يَسْتَوِي – बराबर नहीं हो सकते, समान नहीं हैं।
- أَصْحَابُ النَّارِ – आग (जहन्नम) वाले लोग।
- أَصْحَابُ الْجَنَّةِ – जन्नत (स्वर्ग) वाले लोग।
- الْفَائِزُونَ – कामयाब होने वाले, सफलता पाने वाले।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में स्पष्ट फ़रमा रहे हैं कि जहन्नम वाले और जन्नत वाले कभी भी एक समान नहीं हो सकते। यह दोनों समूह अपने आचरण, विश्वास और कर्मों में मौलिक रूप से भिन्न हैं। जो लोग अल्लाह की अवज्ञा करते हैं और उसके रसूलों को झुठलाते हैं, उनका ठिकाना आग है, जहाँ उन्हें सज़ा और अपमान मिलेगा। जबकि जो लोग ईमान लाए और अच्छे कर्म किए, उनका ठिकाना जन्नत है, जहाँ हमेशा की नेमतें, सुख-चैन और अल्लाह की रज़ा उनका इंतज़ार कर रही है।
यहाँ अल्लाह ने स्पष्ट कर दिया कि सच्ची कामयाबी और सफलता सिर्फ़ जन्नत वालों की है। वे ही असली फ़ाइज़ (कामयाब) हैं, क्योंकि उन्होंने वह सब कुछ पा लिया जो वे चाहते थे और उन बुराइयों से बच गए जिनसे वे डरते थे। जन्नत वालों को हमेशा की नेमतें मिलेंगी, उनका चेहरा खुशहाल होगा, और वे अल्लाह की रहमत में हमेशा-हमेशा के लिए रहेंगे। इसके विपरीत, जहन्नम वाले हमेशा अज़ाब में रहेंगे और उन्हें कभी राहत नहीं मिलेगी।
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारा असली लक्ष्य क्या होना चाहिए। दुनिया की चमक-दमक और अस्थायी सुख हमें धोखा न दें। हमें अपने कर्मों को सुधारना चाहिए, अल्लाह की इबादत करनी चाहिए और उसके रास्ते पर चलना चाहिए, ताकि हम उन कामयाब लोगों में शामिल हो सकें जिन्हें अल्लाह ने जन्नत की खुशखबरी दी है। याद रखिए, यह दुनिया एक इम्तिहान है, और असली कामयाबी उसी की है जो अल्लाह की रज़ा को अपना निशाना बनाए और अपने आख़िरत को संवारे। अल्लाह हम सबको यह तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 18-22 — अल-हश्र
अनुवाद — अल-हश्र 20
सूरा अल-हश्र आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जहन्नुमी और जन्नती किसी तरह बराबर नहीं हो सकते जन्नती…सूरा आयत 20/24 — अल-हश्र الحشر (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हश्र सुनें, अल-हश्र अनुवाद, अल-हश्र mp3, अल-हश्र pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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