अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَسُوا اللَّهَ (अल्लाह को भूल गए): अल्लाह के अधिकारों और उसकी आज्ञाओं को छोड़ दिया, उसकी याद से गाफिल हो गए।
- فَأَنسَاهُمْ أَنفُسَهُمْ (तो अल्लाह ने उन्हें उनका स्वयं भुला दिया): अल्लाह ने उन्हें उनके स्वयं के भले और उनकी आत्मा के अधिकारों से गाफिल कर दिया, यहाँ तक कि वे अपने लिए कोई भलाई आगे नहीं भेज सके।
- الْفَاسِقُونَ (अवज्ञाकारी): अल्लाह की आज्ञा से निकल जाने वाले, उसकी अवज्ञा करने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालो! तुम उन लोगों की तरह मत बनो जिन्होंने अल्लाह को भुला दिया—यानी उसके हुक्मों को छोड़ दिया, उसकी इबादत से मुँह मोड़ लिया, और उसके ज़िक्र से गाफिल हो गए। जब उन्होंने अल्लाह को भुलाया तो अल्लाह ने भी उन्हें उनके स्वयं से भुला दिया—यानी उन्हें उनकी आत्मा के भले की समझ ही खो दी, उनके दिलों पर मुहर लगा दी, और वे अपने लिए कल (आख़िरत) की कोई जमा-पूँजी नहीं जुटा सके। वे न तो अपने लिए नेकियाँ आगे भेज सके और न ही उन्हें अपनी बुराइयों का एहसास हुआ। यही लोग सच्चे फ़ासिक़ (अवज्ञाकारी) हैं—जो अल्लाह की आज्ञा से पूरी तरह निकल चुके हैं।
इस आयत में एक बहुत गहरा संकेत है: जो व्यक्ति अपने नफ्स को पहचानता है और उसकी बुराइयों से बचता है, वही अपने रब को पहचान पाता है। और जो अपने रब को भूल जाता है, वह अपनी ही आत्मा का दुश्मन बन जाता है।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
ऐ अल्लाह के बंदो! यह आयत हमें जगाती है कि अल्लाह की याद ही वह चीज़ है जो हमारे दिलों को ज़िंदा रखती है। जब हम अल्लाह को याद करते हैं, तो अल्लाह हमें हमारी अपनी भलाई की तरफ़ राह दिखाता है—हमें समझ आता है कि क्या सही है और क्या गलत। लेकिन जब हम उससे गाफिल हो जाते हैं, तो हमारा दिल अंधा हो जाता है, और हम अपने ही नुक़सान में लग जाते हैं।
आज ही अपने दिल की तरफ़ रुजू करो—क्या तुम अल्लाह को याद करते हो? क्या तुम्हारी ज़ुबान पर उसका ज़िक्र है? क्या तुम्हारे दिल में उसका ख़ौफ़ है? अगर नहीं, तो आज ही लौट आओ! अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा खुला है। एक सजदा, एक तौबा, एक आँसू—यही वह चीज़ है जो तुम्हें खुद से मिलाएगी और तुम्हारे रब से जोड़ेगी। याद रखो, जो अल्लाह को भूल गया, उसकी ज़िंदगी बेकार है, चाहे वह दुनिया में कितना भी कामयाब दिखे। और जो अल्लाह से जुड़ गया, उसकी ज़िंदगी में बरकत है, चाहे दुनिया उसे कितना भी कमज़ोर समझे।
अल्लाह हम सबको उन लोगों में से न बनाए जो उसे भूल गए और फिर उन्हें उनका स्वयं भुला दिया गया। आमीन।
📜 आयत 17-21 — अल-हश्र
अनुवाद — अल-हश्र 19
सूरा अल-हश्र आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उन लोगों के जैसे न हो जाओ जो ख़ुदा…सूरा आयत 19/24 — अल-हश्र الحشر (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हश्र सुनें, अल-हश्र अनुवाद, अल-हश्र mp3, अल-हश्र pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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