अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مِمَّا خَطِيئَاتِهِمْ – उनके गुनाहों की वजह से
- أُغْرِقُوا – डुबो दिए गए (पानी में)
- فَأُدْخِلُوا نَارًا – फिर आग में डाल दिए गए
- أَنصَارًا – मददगार, सहायक
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) की क़ौम के अंजाम को बयान करती है। जब उन्होंने हक़ को ठुकराया, नबी की दावत को नकारा और अपने गुनाहों पर अड़े रहे, तो अल्लाह का अज़ाब आया। उनके गुनाह ही वजह बने कि उन्हें तूफ़ान में डुबो दिया गया। यह सिर्फ़ पानी में डूबना नहीं था, बल्कि उसके बाद उन्हें आग में डाला गया — यानी दुनिया के अज़ाब के बाद आख़िरत का अज़ाब भी उनका इंतज़ार कर रहा था।
जब अल्लाह का फ़ैसला आ जाता है, तो कोई ताक़त उसे टाल नहीं सकती। उन्होंने अपने लिए मददगार ढूंढ़े — बड़े-बड़े सरदार, ताक़तवर लोग, झूठे माबूद — लेकिन जब अल्लाह का अज़ाब आया, तो कोई भी उन्हें बचाने नहीं आया। न उनके बुत, न उनके सरदार, न उनकी ताक़त। अल्लाह के सिवा कोई मददगार नहीं मिला।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है। गुनाह इंसान को धीरे-धीरे तबाही की तरफ ले जाते हैं। अगर इंसान गुनाहों पर अड़ा रहे और तौबा न करे, तो अल्लाह का अज़ाब आ सकता है। लेकिन अल्लाह रहीम और करीम है — जब तक इंसान ज़िंदा है, तौबा का दरवाज़ा खुला है। हमें चाहिए कि अपने गुनाहों से तौबा करें, अल्लाह की तरफ लौटें, और याद रखें कि अल्लाह के सिवा कोई मददगार और बचाने वाला नहीं है।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। जब वह पकड़ता है, तो कोई छुड़ाने वाला नहीं होता। इसलिए हमें हमेशा अल्लाह के हुक्मों पर चलना चाहिए, उसकी नाफ़रमानी से बचना चाहिए, और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक ढालना चाहिए। अल्लाह हमें गुनाहों से बचाए और सीधी राह पर चलाए। आमीन।
📜 आयत 23-27 — नूह
अनुवाद — नूह 25
सूरा नूह आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (आख़िर) वह अपने गुनाहों की बदौलत (पहले तो) डुबाए गए…सूरा आयत 25/28 — नूह نوح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: नूह सुनें, नूह अनुवाद, नूह mp3, नूह pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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