अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- तज़्किरा (تذكرة): नसीहत, याद दिलाना, चेतावनी और सीख।
- सबील (سبيل): रास्ता, मार्ग, तरीका।
व्याख्या:
यह आयत एक महान सत्य और स्पष्ट संदेश को व्यक्त करती है। अल्लाह तआला फरमाता है कि यह सूरा (और यह पूरा कुरआन) पूरी मानवजाति के लिए एक नसीहत और याद दिलाने वाली चीज़ है। इसमें वे सारी बातें मौजूद हैं जो इंसान को उसके रब की ओर ले जाने के लिए काफी हैं। यह कोई रहस्य या छिपी हुई चीज़ नहीं, बल्कि एक खुली हुई शिक्षा है, जो हर उस व्यक्ति के लिए रोशनी बन सकती है जो इसे अपनाना चाहे।
फिर अल्लाह तआला फरमाता है: "जो कोई चाहे, वह अपने रब की ओर रास्ता अपना ले।" यानी अल्लाह ने इंसान को इख्तियार (स्वतंत्र इच्छा) दी है। उसने सच्चाई को स्पष्ट कर दिया है, अच्छाई और बुराई के रास्ते बता दिए हैं, और फिर इंसान पर छोड़ दिया है कि वह चाहे तो ईमान और तक़वा (परहेज़गारी) के ज़रिए अपने रब की रहमत, मग़फिरत और रज़ा (खुशी) तक पहुँचने का रास्ता इख्तियार करे। यह रास्ता कोई कठिन या नामुमकिन नहीं है, बल्कि यह आसान और सीधा है — बस अल्लाह की इबादत, उसके आदेशों का पालन और उसकी नफ़रमानी से बचना है।
यह आयत इंसान को जगाती है कि उसकी किस्मत उसके अपने हाथों में है। अल्लाह ने हिदायत के दरवाज़े खोल दिए हैं, और वह चाहता है कि उसके बंदे उसकी ओर रुजू करें। लेकिन यह भी याद रखना ज़रूरी है कि यह इच्छा और यह रास्ता अपनाना अल्लाह की मर्ज़ी और तौफ़ीक़ के बिना मुमकिन नहीं। अल्लाह ही है जो जिसे चाहता है अपनी रहमत में दाखिल करता है, और जो लोग ज़ुल्म करते हैं, हद से आगे बढ़ जाते हैं, उनके लिए उसने दर्दनाक अज़ाब तैयार कर रखा है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें एक बेहतरीन मौका देती है। अल्लाह ने हमें आज़ादी दी है कि हम अपने रब की ओर रास्ता चुनें। यह रास्ता नमाज़, रोज़ा, ज़कात, अच्छे अख़लाक़, दूसरों की मदद और अल्लाह की याद से होकर गुजरता है। जो भी इस रास्ते पर चलेगा, अल्लाह उसे दुनिया में सुकून और आख़िरत में जन्नत की खुशखबरी देता है। आइए, हम इस नसीहत को दिल से अपनाएँ और अपने रब की ओर चलने का अज़्म करें — क्योंकि यही हमारी सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 27-31 — अल-इंसान
अनुवाद — अल-इंसान 29
सूरा अल-इंसान आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक ये कुरान सरासर नसीहत है तो जो शख़्श चाहे…सूरा आयत 29/31 — अल-इंसान الإنسان (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इंसान सुनें, अल-इंसान अनुवाद, अल-इंसान mp3, अल-इंसान pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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