अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَالْمُلْقِيَاتِ: अर्थात फ़रिश्ते जो (वही/ज़िक्र) डालते हैं।
- ذِكْرًا: अर्थात वही (ईश्वरीय संदेश), जो ज्ञान और मार्गदर्शन का स्रोत है।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने उन फ़रिश्तों की क़सम खाई है जो उसकी ओर से वही (ईश्वरीय संदेश) को नबियों तक पहुँचाने का कार्य करते हैं। ये फ़रिश्ते अल्लाह के आदेश से जिब्रील (अलैहिस्सलाम) के माध्यम से या सीधे नबियों के दिलों पर वही उतारते हैं, जो लोगों के लिए जीवन का प्रकाश, मार्गदर्शन और सत्य-असत्य में अंतर करने वाला संदेश है। यह वही (ज़िक्र) ही है जो मानवता को अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाता है, और यह अल्लाह की ओर से एक दया और रहमत है।
यह क़सम इस बात की ओर संकेत करती है कि जिस प्रकार ये फ़रिश्ते अल्लाह का संदेश पहुँचाने में विश्वसनीय और कर्तव्यनिष्ठ हैं, उसी प्रकार अल्लाह का वादा भी सत्य और अटल है। जो कुछ भी इन फ़रिश्तों के माध्यम से नबियों तक पहुँचाया गया, वही सत्य है, और उस पर अमल करना ही मानवता की भलाई है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें यह सिखाती है कि अल्लाह ने अपने बंदों पर कितनी बड़ी कृपा की है कि उन्होंने अपने फ़रिश्तों के माध्यम से मार्गदर्शन का संदेश भेजा। यह संदेश हमारे लिए रहमत है, जो हमें सही रास्ता दिखाता है। हमें चाहिए कि हम इस वही (क़ुरआन) को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें, क्योंकि यही हमारी दुनिया और आख़िरत की सफलता का ज़रिया है। यह संदेश हमें अल्लाह से जोड़ता है, हमारे दिलों को सुकून देता है और हमें एक बेहतर इंसान बनाता है। आइए, हम इस नेमत का शुक्र अदा करें और अपनी ज़िंदगी को इसके अनुसार ढालें।
📜 आयत 3-7 — अल-मुरसलात
अनुवाद — अल-मुरसलात 5
सूरा अल-मुरसलात आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर फरिश्तों की क़सम जो वही लाते हैंसूरा आयत 5/50 — अल-मुरसलात المرسلات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुरसलात सुनें, अल-मुरसलात अनुवाद, अल-मुरसलात mp3, अल-मुरसलात pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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