अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- عُذْرًا (उज़रन): बहाना, स्पष्टीकरण, या कारण बताना — यहाँ अर्थ है अल्लाह की ओर से अपने बंदों को स्पष्ट साक्ष्य और तर्क देना ताकि उनके पास कोई बहाना न बचे।
- نُذْرًا (नुज़रन): डराना, चेतावनी देना — यहाँ अर्थ है अल्लाह का अपने बंदों को उसके अज़ाब (दंड) से डराना और सचेत करना।
व्याख्या:
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला ने उन फ़रिश्तों की क़सम खाई है जो उसका वह्य (प्रकाशना) लेकर उतरते हैं, और फिर फ़रमाया कि यह वह्य और यह क़ुरआन उज़र (स्पष्टीकरण और तर्क) के रूप में उतारा गया है और नुज़र (चेतावनी) के रूप में भी। यानी अल्लाह ने अपने बंदों पर दया करते हुए उनके पास अपने संदेश भेजे ताकि:
- उज़र (स्पष्टीकरण): अल्लाह ने अपने रसूलों और किताबों के माध्यम से सत्य को स्पष्ट कर दिया, ताकि क़यामत के दिन कोई यह न कह सके कि "हमें तो पता ही नहीं था" या "हमारे पास कोई मार्गदर्शक नहीं आया।" यह अल्लाह की ओर से पूर्ण न्याय है — उसने हर उम्म को चेतावनी देने वाला भेजा और हर इंसान के सामने सत्य को उजागर किया।
- नुज़र (चेतावनी): यही संदेश उन लोगों के लिए चेतावनी है जो सत्य को ठुकराते हैं और ग़लती पर अड़े रहते हैं। अल्लाह उन्हें अपने अज़ाब से डराता है ताकि वे अपनी ग़लतियों से बाज़ आएं और सीधे रास्ते पर लौट आएं।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का संदेश दो पहलुओं पर आधारित है — रहमत (दया) और अदालत (न्याय)। जो लोग इसे स्वीकार करते हैं, उनके लिए यह रहमत और मार्गदर्शन है; और जो इसे ठुकराते हैं, उनके लिए यह चेतावनी और साक्ष्य बन जाता है। अल्लाह ने किसी पर ज़ुल्म नहीं किया — उसने हर किसी को सत्य जानने का पूरा अवसर दिया।
दावती पहलू (प्रचारात्मक दृष्टिकोण):
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें अल्लाह की असीम दया और न्याय की याद दिलाती है। अल्लाह ने हमें अकेला नहीं छोड़ा — उसने हमारे लिए क़ुरआन और रसूल भेजे ताकि हम अंधेरे से निकलकर रोशनी की ओर आएं। यह हमारे लिए कितनी बड़ी नेमत है कि हमारे पास स्पष्ट मार्गदर्शन है! आइए, हम इस नेमत की क़द्र करें, क़ुरआन को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। यही हमारी सफलता की कुंजी है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी। अल्लाह हमें सत्य को समझने और उस पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 4-8 — अल-मुरसलात
अनुवाद — अल-मुरसलात 6
सूरा अल-मुरसलात आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ताकि हुज्जत तमाम हो और डरा दिया जाएसूरा आयत 6/50 — अल-मुरसलात المرسلات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुरसलात सुनें, अल-मुरसलात अनुवाद, अल-मुरसलात mp3, अल-मुरसलात pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








