अन-नाज़ियात · 15/46
अनुवाद उच्चारण — अन-नाज़ियात
هَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ مُوسَىٰ ۝١٥
Hal ataaka hadeethu Musaa
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) क्या तुम्हारे पास मूसा का किस्सा भी पहुँचा है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • हल अताका (هل أتاك): क्या तुम तक पहुँची / क्या तुम्हें मिली
  • हदीस (حديث): खबर, वृत्तांत, कहानी
  • मूसा (موسى): अल्लाह के नबी मूसा अलैहिस्सलाम

तफसीर (व्याख्या):

ऐ प्यारे नबी मुहम्मद ﷺ! क्या तुम तक हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम का वह पवित्र और शिक्षाप्रद वृत्तांत पहुँचा है? यह एक ऐसा सवाल है जो दरअसल सुनने वाले का ध्यान खींचता है और उसे ग़ौर करने की दावत देता है। यहाँ अल्लाह तआला अपने नबी को संबोधित कर रहे हैं, और इस संबोधन के ज़रिए पूरी उम्मत को सिखाया जा रहा है कि पिछले नबियों के क़िस्सों में बड़ी नसीहत और इबरत है।

यह वृत्तांत सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि हक़ और बातिल की लड़ाई का वह दस्तावेज़ है जिसमें सब्र, हिम्मत, अल्लाह पर भरोसा और अंततः सच्चाई की जीत का सबक छिपा है। हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने फ़िरऔन जैसे ज़ालिम और सरकश बादशाह के सामने अकेले दम पर हक़ की बात कही, और अल्लाह ने उन्हें वह मुक़ाम अता किया जिसकी मिसाल क़यामत तक के लिए रह गई।

इस आयत में अल्लाह तआला अपने महबूब नबी ﷺ को तसल्ली दे रहे हैं कि जिस तरह मूसा अलैहिस्सलाम को फ़िरऔन जैसे ज़ालिम के मुक़ाबले में कामयाबी मिली, उसी तरह आपको भी मिलेगी। यह हर उस इंसान के लिए एक उम्मीद और हौसले की बात है जो हक़ की राह पर चलता है — चाहे मुख़ालिफ़ कितने ही ताक़तवर क्यों न हों, अल्लाह की मदद हक़ पर चलने वालों के साथ होती है।

यह क़िस्सा हमें बताता है कि अल्लाह का दीन हमेशा से एक ही रहा है — तौहीद का पैग़ाम, अल्लाह की इबादत और बंदों को ज़ुल्म से बचाना। और इसी पैग़ाम को लेकर हर ज़माने में नबी आते रहे। यह आयत हमारे दिलों में यह प्यार और शौक़ पैदा करती है कि हम भी हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम की सीरत से सीखें — सच्चाई पर डटे रहें, अल्लाह पर भरोसा रखें और कभी ज़ालिमों के आगे झुकें नहीं।



📜 आयत 13-17 — अन-नाज़ियात

13فَإِنَّمَا هِيَ زَجْرَةٌ وَاحِدَةٌ
वह (क़यामत) तो (गोया) बस एक सख्त चीख़ होगी
14فَإِذَا هُم بِالسَّاهِرَةِ
और लोग शक़ बारगी एक मैदान (हश्र) में मौजूद होंगे
15هَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ مُوسَىٰ
(ऐ रसूल) क्या तुम्हारे पास मूसा का किस्सा भी पहुँचा है
16إِذْ نَادَاهُ رَبُّهُ بِالْوَادِ الْمُقَدَّسِ طُوًى
जब उनको परवरदिगार ने तूवा के मैदान में पुकारा
17اذْهَبْ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ إِنَّهُ طَغَىٰ
कि फिरऔन के पास जाओ वह सरकश हो गया है
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अनुवाद — अन-नाज़ियात 15

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Tuesday, August 18, 2026

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