Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- بِالسَّاهِرَةِ: धरती की सतह, खुला मैदान, वह ज़मीन जहाँ सब इकट्ठे होंगे।
तफ़सीर:
यानी जब दूसरी बार सूर फूँका जाएगा, तो वह एक ही फूँक होगी जिससे सारी क़ब्रें फट जाएँगी और सभी लोग — पहले और आख़िरी — उठकर धरती की सतह पर खड़े हो जाएँगे। वे लोग जो मिट्टी में दफ़न थे, अचानक ज़िंदा होकर उस खुले मैदान (साहिरा) में मौजूद होंगे। यह कोई लंबा और थका देने वाला अमल नहीं होगा, बल्कि अल्लाह के इशारे मात्र से सब कुछ हो जाएगा। यह उसी दिन होगा जिस दिन क़यामत आएगी, जब सबसे पहली फूँक से सब कुछ तबाह हो जाएगा और दूसरी फूँक से सब कुछ दोबारा ज़िंदा कर दिया जाएगा।
यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि अल्लाह की क़ुदरत के आगे कुछ भी मुश्किल नहीं है। जिसने पहली बार इंसान को पैदा किया, वही उसे दोबारा ज़िंदा करने पर पूरी तरह क़ादिर है। यह दिन ज़रूर आएगा, और उस दिन हर इंसान अपने अमल का हिसाब देगा। जो लोग अल्लाह और आख़िरत पर ईमान रखते हैं, वे इस दिन की तैयारी में लगे रहते हैं, और जो लोग इसे झुठलाते हैं, उनके लिए पछतावे के सिवा कुछ नहीं होगा।
यह हमारे रब की रहमत और इंसाफ़ का दिन है — रहमत उनके लिए जो नेक हैं, और इंसाफ़ उनके लिए जो बुरे हैं। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, ताकि उस दिन हमारा सामना खुशी और कामयाबी से हो, न कि शर्मिंदगी और अफ़सोस से।
📜 आयत 12-16 — सूरा अन-नाज़ियात
अनुवाद — अन-नाज़ियात 14
सूरा अन-नाज़ियात आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और लोग शक़ बारगी एक मैदान (हश्र) में मौजूद होंगेसूरा आयत 14/46 — सूरा अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नाज़ियात सुनें, सूरा अन-नाज़ियात अनुवाद, सूरा अन-नाज़ियात mp3, सूरा अन-नाज़ियात pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अन-नाज़ियात
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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