Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْمُنَافِقُونَ: वे लोग जो ईमान छिपाकर कुफ़्र छुपाते हैं, यानी दिखावे में मुसलमान बनते हैं पर दिल में कुफ़्र रखते हैं।
- الَّذِينَ فِي قُلُوبِهِم مَّرَضٌ: वे लोग जिनके दिलों में ईमान की कमज़ोरी और शक की बीमारी है।
- غَرَّ: धोखा दिया, भ्रम में डाला।
- يَتَوَكَّلْ: भरोसा करे, अपने मामले अल्लाह के सुपुर्द कर दे।
- عَزِيزٌ: वह शक्तिशाली है, जिसे कोई हरा न सके।
- حَكِيمٌ: वह हर काम में पूर्ण ज्ञान और समझदारी से काम करता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
हे ईमानवालो! उस समय को याद करो जब बद्र के मैदान में मुसलमानों की संख्या बहुत कम थी और उनके पास साज़ो-सामान भी बहुत कम था, जबकि दुश्मनों की फ़ौज बड़ी और पूरी तरह हथियारों से लैस थी। उस वक़्त मुनाफ़िक़ (जो दिखावे के लिए मुसलमान बने थे) और वे लोग जिनके दिलों में ईमान की कमज़ोरी और शक की बीमारी थी, मुसलमानों को देखकर कहने लगे: "इन लोगों को इनके दीन (धर्म) ने धोखा दे दिया है।" यानी उन्होंने सोचा कि ये मुसलमान अपने दीन के भरोसे में आकर अपनी जान हथेली पर रखकर इतनी बड़ी फ़ौज के सामने आ गए हैं, यह उनकी नादानी और भ्रम है। उन्हें यह समझ नहीं आया कि यह भरोसा अल्लाह पर है, जो अपने वादे में सच्चा है।
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि इन मुनाफ़िक़ों और बीमार दिलों वालों को यह बात समझ नहीं आई कि जो व्यक्ति सच्चे दिल से अल्लाह पर भरोसा करता है और उसके वादे पर यक़ीन रखता है, तो अल्लाह उसे कभी निराश नहीं करता और न ही उसे दुश्मनों के सामने ज़लील होने देता है। क्योंकि अल्लाह अज़ीज़ है, यानी वह इतना शक्तिशाली है कि उसकी शक्ति के आगे कोई नहीं टिक सकता, और वह हकीम है, यानी वह हर काम में अपनी गहरी समझदारी और बुद्धिमानी से फ़ैसला करता है। वह जिसे चाहता है उसकी मदद करता है, चाहे वह संख्या में कम ही क्यों न हो, और जिसे चाहता है उसे नीचा दिखाता है, चाहे वह संख्या में बहुत ही क्यों न हो।
फ़ायदे (सीख):
- अल्लाह पर भरोसा सबसे बड़ी ताक़त है: संख्या और हथियारों की कमी कोई बाधा नहीं है। अगर दिल में अल्लाह पर सच्चा भरोसा हो, तो अल्लाह अपनी ताक़त से अपने बंदे की मदद करता है।
- दुनियावी नज़रिया ग़लत हो सकता है: मुनाफ़िक़ और कमज़ोर ईमान वाले लोग सिर्फ़ ज़ाहिरी चीज़ों को देखते हैं, लेकिन ईमानवालों की नज़र अल्लाह के वादे पर होती है। इसलिए दुनियावी लोगों की राय को अपने ईमान पर हावी न होने दें।
- अल्लाह की मदद का वादा सच्चा है: जो व्यक्ति अल्लाह पर भरोसा करता है, अल्लाह उसे अकेला नहीं छोड़ता। यह आयत मुसलमानों को हिम्मत देती है कि वे मुश्किल से मुश्किल हालात में भी अल्लाह पर यक़ीन रखें।
- अल्लाह की शक्ति और बुद्धिमानी: अल्लाह अज़ीज़ है, इसलिए उसकी मदद कभी नाकाम नहीं होती, और वह हकीम है, इसलिए उसके फ़ैसले हमेशा बेहतर होते हैं, भले ही हमें उनकी समझ न आए। यह बात दिल को सुकून देती है कि हमारे मामले एक दाना और बुद्धिमान हाथों में हैं।
📜 आयत 47-51 — सूरा अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 49
सूरा अल-अनफाल आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ये वक्त था) जब मुनाफिक़ीन और जिन लोगों के दिल…सूरा आयत 49/75 — सूरा अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनफाल सुनें, सूरा अल-अनफाल अनुवाद, सूरा अल-अनफाल mp3, सूरा अल-अनफाल pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अनफाल
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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