Wa iz zaiyana lahumush shaitaanu a`ma alahum wa qaala laa ghaaliba lakumul yawma minan naasi wa innee jaarul lakum falammaa taraaa`atil fi`ataani nakasa `alaa aqibaihi wa qaala innee bareee`um minkum innee araa maa laa tarawna inneee akhaaful laah; wallaahu shadeedul `iqaab
📖 अनुवाद (हिंदी अर्थ)
📖 हिंदी अर्थ
और जब शैतान ने उनकी कारस्तानियों को उम्दा कर दिखाया और उनके कान में फूंक दिया कि लोगों में आज कोई ऐसा नहीं जो तुम पर ग़ालिब आ सके और मै तुम्हारा मददगार हूं फिर जब दोनों लश्कर मुकाबिल हुए तो अपने उलटे पॉव भाग निकला और कहने लगा कि मै तो तुम से अलग हूं मै वह चीजें देख रहा हूं जो तुम्हें नहीं सूझती मैं तो ख़ुदा से डरता हूं और ख़ुदा बहुत सख्त अज़ाब वाला है
🌐 Additional reference in اردو
🌐 اردو
اور جب شیطانوں نے ان کے اعمال ان کو آراستہ کر کے دکھائے اور کہا کہ آج کے دن لوگوں میں کوئی تم پر غالب نہ ہوگا اور میں تمہارا رفیق ہوں (لیکن) جب دونوں فوجیں ایک دوسرے کے مقابل صف آراء ہوئیں تو پسپا ہو کر چل دیا اور کہنے لگا کہ مجھے تم سے کوئی واسطہ نہیں۔ میں تو ایسی چیزیں دیکھ رہا ہوں جو تم نہیں دیکھ سکتے۔ مجھے تو خدا سے ڈر لگتا ہے۔ اور خدا سخت عذاب کرنے والا ہے
और जब शैतान ने उनकी कारस्तानियों को उम्दा कर दिखाया और उनके कान में फूंक दिया कि लोगों में आज कोई ऐसा नहीं जो तुम पर ग़ालिब आ सके और मै तुम्हारा मददगार हूं फिर जब दोनों लश्कर मुकाबिल हुए तो अपने उलटे पॉव भाग निकला और कहने लगा कि मै तो तुम से अलग हूं मै वह चीजें देख रहा हूं जो तुम्हें नहीं सूझती मैं तो ख़ुदा से डरता हूं और ख़ुदा बहुत सख्त अज़ाब वाला है
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
زَيَّنَ: सुंदर बनाया, आकर्षक प्रस्तुत किया
تَرَاءَتِ الْفِئَتَانِ: दोनों समूहों (फ़ौजों) ने एक-दूसरे को देखा, आमना-सामना हुआ
نَكَصَ عَلَىٰ عَقِبَيْهِ: अपनी एड़ियों के बल पीछे हट गया, भाग खड़ा हुआ
جَارٌ لَّكُمْ: मैं तुम्हारा पड़ोसी/रक्षक हूँ, मैं तुम्हें सुरक्षा प्रदान करता हूँ
तफ़सीर:
ऐ ईमानवालों! उस समय को याद करो जब शैतान ने मुशरिकों (बद्र के युद्ध में) के कर्मों को उनकी नज़रों में सुंदर बनाकर प्रस्तुत किया। उसने उन्हें मुसलमानों से युद्ध करने के लिए प्रोत्साहित किया और उनके दिलों में साहस भरा। उसने उनसे कहा: "आज कोई भी इंसान तुम पर विजय प्राप्त नहीं कर सकता, और मैं स्वयं तुम्हारा रक्षक और सहायक हूँ।" इस प्रकार शैतान ने उन्हें धोखा दिया और उन्हें युद्ध के मैदान तक ले आया।
लेकिन जब दोनों फ़ौजें आमने-सामने आ गईं और मुसलमानों की ओर से फ़रिश्ते उतर आए, तो शैतान ने उन्हें देख लिया। वह तुरंत अपनी एड़ियों के बल पीछे भागा और चिल्लाकर बोला: "मेरा तुमसे कोई संबंध नहीं है, मैं तुमसे बरी हूँ। मैं वह कुछ देख रहा हूँ जो तुम नहीं देख सकते — मैं फ़रिश्तों को देख रहा हूँ जो मुसलमानों की मदद के लिए आए हैं। मैं अल्लाह से डरता हूँ, कि कहीं वह मुझे भी उसी आज़ाब में न डाल दे जो तुम पर आने वाला है।" और इस तरह शैतान ने अपने साथियों को अकेला छोड़कर भाग गया।
यहाँ अल्लाह तआला फ़रमाता है कि अल्लाह का अज़ाब बहुत सख्त है — उसकी पकड़ से कोई नहीं बच सकता। शैतान ने उन्हें धोखा दिया और वादा करके मुकर गया, क्योंकि शैतान का वादा हमेशा धोखा होता है।
फ़ायदे (सबक):
शैतान का धोखा: शैतान इंसान को बुरे कामों को सुंदर दिखाकर धोखा देता है, लेकिन जब मुसीबत आती है तो वह अपने साथियों को छोड़कर भाग जाता है। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह शैतान के वादों पर भरोसा न करे।
अल्लाह की मदद: जब सच्चे ईमानवाले अल्लाह पर भरोसा करते हैं, तो अल्लाह उनकी मदद के लिए ऐसे ज़रिये भेजता है जिन्हें इंसान देख भी नहीं सकता। यह ईमानवालों के लिए बड़ी तसल्ली की बात है।
शैतान की कमज़ोरी: शैतान कितना भी ताकतवर दिखे, वह अल्लाह के फ़रिश्तों के सामने बिल्कुल बेबस और कमज़ोर है। उसका सारा दिखावा झूठा है।
अल्लाह का अज़ाब: अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। जो लोग उसकी नाफ़रमानी करते हैं और तौबा नहीं करते, उनके लिए भयानक अज़ाब है। इसलिए इंसान को हमेशा अल्लाह से डरना चाहिए और उसकी राह पर चलना चाहिए।
युद्ध में ईमान का असर: यह घटना बताती है कि सच्चे ईमान और अल्लाह पर भरोसे के साथ जब मुसलमान युद्ध करते हैं, तो अल्लाह उनकी मदद करता है और दुश्मन का दिल काँप जाता है।
और ख़ुदा की और उसके रसूल की इताअत करो और आपस में झगड़ा न करो वरना तुम हिम्मत हारोगे और तुम्हारी हवा उखड़ जाएगी और (जंग की तकलीफ़ को) झेल जाओ (क्योंकि) ख़ुदा तो यक़ीनन सब्र करने वालों का साथी है
और उन लोगों के ऐसे न हो जाओ जो इतराते हुए और लोगों के दिखलाने के वास्ते अपने घरों से निकल खड़े हुए और लोगों को ख़ुदा की राह से रोकते हैं और जो कुछ भी वह लोग करते हैं ख़ुदा उस पर (हर तरह से) अहाता किए हुए है
और जब शैतान ने उनकी कारस्तानियों को उम्दा कर दिखाया और उनके कान में फूंक दिया कि लोगों में आज कोई ऐसा नहीं जो तुम पर ग़ालिब आ सके और मै तुम्हारा मददगार हूं फिर जब दोनों लश्कर मुकाबिल हुए तो अपने उलटे पॉव भाग निकला और कहने लगा कि मै तो तुम से अलग हूं मै वह चीजें देख रहा हूं जो तुम्हें नहीं सूझती मैं तो ख़ुदा से डरता हूं और ख़ुदा बहुत सख्त अज़ाब वाला है
(ये वक्त था) जब मुनाफिक़ीन और जिन लोगों के दिल में (कुफ्र का) मर्ज़ है कह रहे थे कि उन मुसलमानों को उनके दीन ने धोके में डाल रखा है (कि इतराते फिरते हैं हालॉकि जो शख़्स ख़ुदा पर भरोसा करता है (वह ग़ालिब रहता है क्योंकि) ख़ुदा तो यक़ीनन ग़ालिब और हिकमत वाला है
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