अबस · 15/42
अनुवाद उच्चारण — सूरा अबस
بِأَيْدِي سَفَرَةٍ ۝١٥
Bi`aidee safara
📖 हिंदी अर्थ
(ऐसे) लिखने वालों के हाथों में है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • سَفَرَةٍ (सफ़रह): इसका अर्थ है "लेखक" या "मध्यस्थ"। यह 'सफ़र' (किताब) से लिया गया है, क्योंकि ये फ़रिश्ते किताबें लिखते हैं। कुछ विद्वानों के अनुसार, 'सफ़ीर' (मध्यस्थ) से भी लिया गया है, क्योंकि ये अल्लाह और उसके बंदों के बीच वसीला (माध्यम) हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह क़ुरआन, जो अल्लाह का कलाम है, उन पवित्र और महान पन्नों में दर्ज है जो बेहद सम्मानित, ऊँचे दर्जे वाले और हर प्रकार की कमी, मिलावट और बढ़ोतरी से पाक हैं। इन पन्नों को अल्लाह के ख़ास फ़रिश्तों के हाथों में सौंपा गया है, जो लेखक और संदेशवाहक हैं। ये फ़रिश्ते अल्लाह और उसके नबियों के बीच वही (प्रकाशना) पहुँचाने का काम करते हैं। ये फ़रिश्ते बड़े सम्मानित, पवित्र, नेक और पाकीज़ा सिफ़ात (गुणों) वाले हैं — उनके अख़लाक़ और कर्म पूरी तरह से पाक और नेक हैं।

यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि अल्लाह की ओर से भेजा गया ऐसा पवित्र संदेश है जो सबसे सम्मानित फ़रिश्तों के हाथों से होकर हम तक पहुँचा है। इसका मतलब यह है कि इस किताब की अहमियत और पवित्रता का अंदाज़ा लगाओ — जिसे अल्लाह ने अपने करीबी फ़रिश्तों के हवाले किया, वह कितनी बड़ी नेमत है!

दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

प्यारे भाइयों और बहनों! जब हमें यह पता चलता है कि क़ुरआन को लाने वाले फ़रिश्ते कितने पाक और नेक हैं, तो हमें भी चाहिए कि हम इस किताब को उसी अदब (सम्मान) और पाकीज़गी के साथ पढ़ें। जिस किताब को अल्लाह ने इतनी ऊँची जगह दी है, उसे पढ़ने से पहले हमें अपने दिल को साफ़ करना चाहिए, वुज़ू करना चाहिए और अल्लाह से हिदायत की दुआ माँगनी चाहिए। यह किताब हमारे लिए रहनुमा (मार्गदर्शक) है — अगर हम इसे पकड़ लें, तो दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी हमारे क़दम चूमेगी। अल्लाह हमें इसकी बरकतों से नवाज़े, आमीन।



📜 आयत 13-17 — सूरा अबस

13فِي صُحُفٍ مُّكَرَّمَةٍ
(लौहे महफूज़ के) बहुत मोअज़ज़िज औराक़ में (लिखा हुआ) है
14مَّرْفُوعَةٍ مُّطَهَّرَةٍ
बुलन्द मरतबा और पाक हैं
15بِأَيْدِي سَفَرَةٍ
(ऐसे) लिखने वालों के हाथों में है
16كِرَامٍ بَرَرَةٍ
जो बुज़ुर्ग नेकोकार हैं
17قُتِلَ الْإِنسَانُ مَا أَكْفَرَهُ
इन्सान हलाक हो जाए वह क्या कैसा नाशुक्रा है
अबसकुरान सूची
42आयत
मक्कीअवतरण स्थान
15आयत

अनुवाद — अबस 15

सूरा अबस आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐसे) लिखने वालों के हाथों में है

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पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

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