अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَفَرَةٍ (सफ़रह): इसका अर्थ है "लेखक" या "मध्यस्थ"। यह 'सफ़र' (किताब) से लिया गया है, क्योंकि ये फ़रिश्ते किताबें लिखते हैं। कुछ विद्वानों के अनुसार, 'सफ़ीर' (मध्यस्थ) से भी लिया गया है, क्योंकि ये अल्लाह और उसके बंदों के बीच वसीला (माध्यम) हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह क़ुरआन, जो अल्लाह का कलाम है, उन पवित्र और महान पन्नों में दर्ज है जो बेहद सम्मानित, ऊँचे दर्जे वाले और हर प्रकार की कमी, मिलावट और बढ़ोतरी से पाक हैं। इन पन्नों को अल्लाह के ख़ास फ़रिश्तों के हाथों में सौंपा गया है, जो लेखक और संदेशवाहक हैं। ये फ़रिश्ते अल्लाह और उसके नबियों के बीच वही (प्रकाशना) पहुँचाने का काम करते हैं। ये फ़रिश्ते बड़े सम्मानित, पवित्र, नेक और पाकीज़ा सिफ़ात (गुणों) वाले हैं — उनके अख़लाक़ और कर्म पूरी तरह से पाक और नेक हैं।
यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि अल्लाह की ओर से भेजा गया ऐसा पवित्र संदेश है जो सबसे सम्मानित फ़रिश्तों के हाथों से होकर हम तक पहुँचा है। इसका मतलब यह है कि इस किताब की अहमियत और पवित्रता का अंदाज़ा लगाओ — जिसे अल्लाह ने अपने करीबी फ़रिश्तों के हवाले किया, वह कितनी बड़ी नेमत है!
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
प्यारे भाइयों और बहनों! जब हमें यह पता चलता है कि क़ुरआन को लाने वाले फ़रिश्ते कितने पाक और नेक हैं, तो हमें भी चाहिए कि हम इस किताब को उसी अदब (सम्मान) और पाकीज़गी के साथ पढ़ें। जिस किताब को अल्लाह ने इतनी ऊँची जगह दी है, उसे पढ़ने से पहले हमें अपने दिल को साफ़ करना चाहिए, वुज़ू करना चाहिए और अल्लाह से हिदायत की दुआ माँगनी चाहिए। यह किताब हमारे लिए रहनुमा (मार्गदर्शक) है — अगर हम इसे पकड़ लें, तो दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी हमारे क़दम चूमेगी। अल्लाह हमें इसकी बरकतों से नवाज़े, आमीन।
📜 आयत 13-17 — अबस
अनुवाद — अबस 15
सूरा अबस आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐसे) लिखने वालों के हाथों में हैसूरा आयत 15/42 — अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अबस सुनें, अबस अनुवाद, अबस mp3, अबस pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








