अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- किराम (كرام): बड़े सम्मानित, प्रतिष्ठित और उच्च पद वाले।
- बररह (بررة): नेक, पवित्र, आज्ञाकारी और भलाई करने वाले (यह 'बर्र' का बहुवचन है, जिसका अर्थ है नेकी और भलाई करने वाला)।
तफसीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन महान फ़रिश्तों का वर्णन कर रहे हैं जो क़ुरआन को लेकर आते हैं और उसे अमानत के साथ पहुँचाते हैं। ये फ़रिश्ते अल्लाह के नज़दीक बड़े सम्मानित और उच्च दर्जे वाले हैं। वे न केवल पवित्र और पाक हैं, बल्कि उनके कर्म भी नेक और भलाई से भरे हुए हैं। वे अल्लाह की आज्ञा का पूर्ण रूप से पालन करते हैं और उनके स्वभाव में कोई कमी या बुराई नहीं है। ये फ़रिश्ते अल्लाह और उसके पैग़म्बरों के बीच संदेशवाहक हैं, और वे अपने इस कर्तव्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते हैं।
यह आयत हमें सिखाती है कि जिस क़ुरआन को हम पढ़ते हैं, वह कितनी उच्च और पवित्र श्रृंखला के माध्यम से हम तक पहुँचा है। अल्लाह तआला ने इन फ़रिश्तों को इसलिए चुना क्योंकि वे 'किराम' (सम्मानित) और 'बररह' (नेक) हैं। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम भी अपने जीवन को नेकी और पवित्रता से सजाएँ, ताकि हम अल्लाह के नज़दीक सम्मानित बन सकें।
दावती पहलू:
यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह तआला अपने पवित्र कलाम को कितनी उच्च श्रृंखला के माध्यम से हम तक पहुँचाते हैं। जब हम क़ुरआन पढ़ते हैं, तो हमें यह याद रखना चाहिए कि यह कोई साधारण किताब नहीं है, बल्कि यह अल्लाह का कलाम है जो पाक फ़रिश्तों के माध्यम से हम तक पहुँचा है। यह हमारे दिलों में क़ुरआन की अज़मत (महानता) को बढ़ाता है और हमें इसे समझने, उस पर अमल करने और उसे अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है। आइए, हम भी इन नेक फ़रिश्तों की तरह नेकी और पवित्रता को अपनाएँ और अल्लाह के नज़दीक सम्मानित बनने की कोशिश करें। याद रखें, अल्लाह की रहमत और उसका क़ुरआन हमारे लिए सबसे बड़ी नेमत है, और इस नेमत की क़द्र करना हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है।
📜 आयत 14-18 — अबस
अनुवाद — अबस 16
सूरा अबस आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो बुज़ुर्ग नेकोकार हैंसूरा आयत 16/42 — अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अबस सुनें, अबस अनुवाद, अबस mp3, अबस pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








