Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قُتِلَ: यहाँ इसका अर्थ 'लानत की गई' या 'धिक्कार है' है।
- أَصْحَابُ: साथी, लोग, समूह।
- الْأُخْدُودِ: ज़मीन में लंबी और गहरी खाई या नाली, जिसे आग से भर दिया गया था।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने उन ज़ालिमों पर लानत भेजी है जिन्होंने खाई (अल-उख़्दूद) वालों के साथ वो बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया। ये वो लोग थे जिन्होंने ज़मीन में एक लंबी और गहरी खाई खोदी, उसमें भयंकर आग जलाई, और फिर उन मोमिनों को उसमें डाल दिया जिन्होंने अल्लाह पर ईमान लाने से इनकार नहीं किया था। यानी उन्होंने ईमान वालों को अज़ाब देने के लिए ये ज़ालिमाना हथकंडा अपनाया।
ये आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला ज़ालिमों को देख रहा है और उनके इस ज़ुल्म का हिसाब उनसे ज़रूर लेगा। जो लोग अल्लाह के बंदों को उनके ईमान की वजह से तकलीफ़ देते हैं, वे अल्लाह की लानत और अज़ाब के हक़दार बनते हैं।
इस क़िस्से से हमें सबक़ मिलता है कि ईमान की राह में मुश्किलें और अज़ाब आ सकते हैं, लेकिन मोमिन को अपने ईमान पर क़ायम रहना चाहिए। दुनिया में ज़ालिम चाहे कितनी भी ताक़तवर क्यों न हो, अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। ज़ालिमों की सारी साज़िशें और ज़ुल्म अल्लाह की नज़र में हैं, और आख़िरत में उन्हें अपने किए की सज़ा ज़रूर मिलेगी।
ये आयत उन मोमिनों के लिए तसल्ली और हौसले का पैग़ाम है जो ज़ुल्म और सितम का सामना करते हैं। अल्लाह उनके सब्र और ईमान की क़द्र करता है, और उन्हें बेहतरीन बदला देगा। जबकि ज़ालिमों का अंजाम बुरा और रुसवाई है।
📜 आयत 2-6 — सूरा अल-बुरूज
अनुवाद — अल-बुरूज 4
सूरा अल-बुरूज आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसकी (कि कुफ्फ़ार मक्का हलाक हुए) जिस तरह ख़न्दक़ वाले…सूरा आयत 4/22 — सूरा अल-बुरूज البروج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बुरूज सुनें, सूरा अल-बुरूज अनुवाद, सूरा अल-बुरूज mp3, सूरा अल-बुरूज pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-बुरूज
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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