अत-तारिक़ · 14/17
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तारिक़
وَمَا هُوَ بِالْهَزْلِ ۝١٤
Wa maa huwa bil hazl
📖 हिंदी अर्थ
और लग़ो नहीं है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الهَزْل – मज़ाक, खेल-तमाशा, वह बात जो गंभीरता से न कही गई हो।

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह क़ुरआन कोई मज़ाक़ या खेल-तमाशा नहीं है। यह एक अत्यंत गंभीर और सत्य वचन है, जो हक़ और बातिल के बीच फ़ैसला करने वाला है। यह कोई ऐसी किताब नहीं जो मनोरंजन के लिए या समय बिताने के लिए उतारी गई हो, बल्कि यह वह किताब है जो इंसान को जीवन का सही रास्ता दिखाती है, उसे अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाती है।

क़ुरआन की हर आयत, हर हुक्म और हर क़िस्से में गहरी हिकमत और मस्लिहत है। इसमें कोई बात बेकार या मज़ाक़ में नहीं कही गई। यह वह कलाम है जिसे सुनकर पहाड़ भी पिघल जाएँ, दिल काँप उठें और आँखों से आँसू बह निकलें। यह वह किताब है जो क़यामत के दिन अपने पढ़ने वालों के लिए सिफ़ारिश करेगी और उन्हें जन्नत की ओर ले जाएगी।

अल्लाह तआला ने इस आयत में यह भी स्पष्ट कर दिया कि क़ुरआन कोई मज़ाक़ की चीज़ नहीं है, बल्कि यह सच्चाई और गंभीरता की आख़िरी किताब है। जो इसे मज़ाक़ समझेगा, वह अपने नुक़्सान में रहेगा। यह किताब उन लोगों के लिए रहमत है जो इसे मानते हैं और उन लोगों के लिए हुज्जत (प्रमाण) है जो इसे झुठलाते हैं।

प्यारे भाइयों और बहनों! हमें चाहिए कि क़ुरआन को गंभीरता से पढ़ें, उस पर अमल करें और उसे अपनी ज़िंदगी का नक्शा बनाएँ। यही वह किताब है जो हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाएगी। अल्लाह हम सबको क़ुरआन को समझने, उस पर अमल करने और उसकी तालीमात को फैलाने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 12-16 — सूरा अत-तारिक़

12وَالْأَرْضِ ذَاتِ الصَّدْعِ
और फटने वाली (ज़मीन की क़सम)
13إِنَّهُ لَقَوْلٌ فَصْلٌ
बेशक ये क़ुरान क़ौले फ़ैसल है
14وَمَا هُوَ بِالْهَزْلِ
और लग़ो नहीं है
15إِنَّهُمْ يَكِيدُونَ كَيْدًا
बेशक ये कुफ्फ़ार अपनी तदबीर कर रहे हैं
16وَأَكِيدُ كَيْدًا
और मैं अपनी तद्बीर कर रहा हूँ
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अनुवाद — अत-तारिक़ 14

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Friday, October 2, 2026

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