अत-तारिक़ · 15/17
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तारिक़
إِنَّهُمْ يَكِيدُونَ كَيْدًا ۝١٥
Innahum yakeedoona kaidaa
📖 हिंदी अर्थ
बेशक ये कुफ्फ़ार अपनी तदबीर कर रहे हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَكِيدُونَ: चालें चलते हैं, साज़िश करते हैं, बुरी योजनाएँ बनाते हैं।
  • كَيْدًا: चाल, साज़िश, मक्र (धोखा) — यहाँ इसका अर्थ है बड़ी और भयानक साज़िश।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को दिलासा दे रहे हैं और बता रहे हैं कि जो लोग तुम्हें झुठला रहे हैं और क़ुरआन को नकार रहे हैं, वे चुपचाप नहीं हैं। वे दिन-रात चालें चल रहे हैं, साज़िशें बुन रहे हैं, और हर हथकंडा अपना रहे हैं ताकि सत्य (हक़) को मिटा दें और बातिल (असत्य) को ऊपर उठा दें। वे सोचते हैं कि उनकी योजनाओं से वे इस्लाम के प्रसार को रोक पाएँगे और नबी ﷺ की बात को बेअसर कर देंगे।

लेकिन अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि उनकी यह सारी कोशिशें और चालें उनके अपने विनाश का कारण बनेंगी। वे जितनी चालें चलते हैं, अल्लाह उससे भी बड़ी चाल चलता है — यानी उनकी साज़िशों का जवाब अल्लाह अपनी क़ुदरत से देगा, सत्य को ऊँचा करेगा और बातिल को मिटा देगा, चाहे काफ़िरों को यह कितना ही बुरा क्यों न लगे।

इस आयत में नबी ﷺ को और उनके साथियों को सिखाया जा रहा है कि दुश्मनों की साज़िशों से घबराओ नहीं, क्योंकि अल्लाह उनकी हर चाल से वाक़िफ़ है और उनका अंजाम तबाही ही है। यह एक ओर दिलासा है, तो दूसरी ओर चेतावनी भी कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है — वह उन्हें ढील देता है, लेकिन जब पकड़ता है, तो कोई नहीं बचा सकता।

दावती पहलू:

यह आयत हर उस इंसान के लिए एक बड़ी शिक्षा है जो सत्य के रास्ते पर चलता है। दुनिया में हमेशा ऐसे लोग मौजूद रहते हैं जो सच्चाई को दबाने की कोशिश करते हैं, लेकिन अल्लाह का वादा है कि वह अपने दीन को पूरा करके रहेगा। इसलिए मोमिन को चाहिए कि वह अल्लाह पर भरोसा रखे, सब्र करे, और यह यक़ीन रखे कि अल्लाह की मदद ज़रूर आएगी। जो लोग बुराई की साज़िशें रचते हैं, वे अक्सर यह भूल जाते हैं कि अल्लाह उनकी हर चाल को देख रहा है, और उनकी चालें उन्हीं के ऊपर उलटकर आएँगी। यह क़ुरआन का एक अटूट वादा है — सत्य की जीत तय है, और असत्य की हार निश्चित है।



📜 आयत 13-17 — सूरा अत-तारिक़

13إِنَّهُ لَقَوْلٌ فَصْلٌ
बेशक ये क़ुरान क़ौले फ़ैसल है
14وَمَا هُوَ بِالْهَزْلِ
और लग़ो नहीं है
15إِنَّهُمْ يَكِيدُونَ كَيْدًا
बेशक ये कुफ्फ़ार अपनी तदबीर कर रहे हैं
16وَأَكِيدُ كَيْدًا
और मैं अपनी तद्बीर कर रहा हूँ
17فَمَهِّلِ الْكَافِرِينَ أَمْهِلْهُمْ رُوَيْدًا
तो काफ़िरों को मोहलत दो बस उनको थोड़ी सी मोहलत दो
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15आयत

अनुवाद — अत-तारिक़ 15

सूरा अत-तारिक़ आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक ये कुफ्फ़ार अपनी तदबीर कर रहे हैं

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Thursday, October 1, 2026

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