अत-तारिक़ · 13/17
अनुवाद उच्चारण — अत-तारिक़
إِنَّهُ لَقَوْلٌ فَصْلٌ ۝١٣
Innahoo laqawlun fasl
📖 हिंदी अर्थ
बेशक ये क़ुरान क़ौले फ़ैसल है

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَصْلٌ: निर्णायक, सत्य और असत्य को अलग करने वाला, न्यायपूर्ण फैसला।

व्याख्या:

यह आयत उस महान सत्य को स्पष्ट करती है जो पिछली आयात में उल्लिखित आकाश की बारिश और धरती के फटने के बाद आती है। अल्लाह तआला कहते हैं कि यह क़ुरआन कोई साधारण बात या मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह एक निर्णायक और फैसला करने वाला कथन है। यह क़ुरआन सत्य और असत्य के बीच, सच और झूठ के बीच, और नेकी और बुराई के बीच स्पष्ट रूप से अंतर करता है। यह कोई ऐसी किताब नहीं है जिसमें कोई संदेह या अस्पष्टता हो, बल्कि यह हर उस व्यक्ति के लिए मार्गदर्शन है जो सत्य की खोज में है। यह क़ुरआन उस फैसले की तरह है जो किसी विवाद को हमेशा के लिए समाप्त कर देता है - यह सत्य को उसके पूरे वैभव के साथ प्रस्तुत करता है और असत्य को उसकी वास्तविकता में दिखा देता है।

यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन का हर शब्द, हर आयत और हर सूरा अल्लाह की ओर से है। यह कोई इंसानी रचना नहीं है जिसमें भूल या कमी हो सकती है। यह वह किताब है जो क़यामत के दिन तक हर युग, हर समाज और हर इंसान के लिए मार्गदर्शन का स्रोत बनी रहेगी। इस किताब में वह शक्ति है जो दिलों को जगा सकती है, आत्माओं को पवित्र कर सकती है और समाज को बदल सकती है।

उपदेश और आमंत्रण:

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें याद दिलाती है कि क़ुरआन सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं है, बल्कि इसे समझने, उस पर अमल करने और उसके अनुसार अपना जीवन ढालने के लिए है। यह वह किताब है जो हमें सही रास्ता दिखाती है और हमें उस मंज़िल तक पहुँचाती है जो अल्लाह की रज़ा और जन्नत है। आइए, हम इस निर्णायक कलाम को अपने जीवन का आधार बनाएँ, इसकी शिक्षाओं को अपने दिलों में उतारें और इसे अपने घरों, समाज और पूरी दुनिया तक पहुँचाने का ज़रिया बनें। याद रखें, जो व्यक्ति क़ुरआन को अपनाता है, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता, और जो इसे छोड़ देता है, वह सच्चे मार्ग से भटक जाता है। अल्लाह हमें क़ुरआन को समझने, उस पर अमल करने और उसकी रोशनी में जीने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 11-15 — अत-तारिक़

11وَالسَّمَاءِ ذَاتِ الرَّجْعِ
चक्कर (खाने) वाले आसमान की क़सम
12وَالْأَرْضِ ذَاتِ الصَّدْعِ
और फटने वाली (ज़मीन की क़सम)
13إِنَّهُ لَقَوْلٌ فَصْلٌ
बेशक ये क़ुरान क़ौले फ़ैसल है
14وَمَا هُوَ بِالْهَزْلِ
और लग़ो नहीं है
15إِنَّهُمْ يَكِيدُونَ كَيْدًا
बेशक ये कुफ्फ़ार अपनी तदबीर कर रहे हैं
अत-तारिक़कुरान सूची
17आयत
मक्कीRevelation
13आयत

अनुवाद — अत-तारिक़ 13

सूरा अत-तारिक़ आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक ये क़ुरान क़ौले फ़ैसल है

सूरा आयत 13/17 — अत-तारिक़ الطارق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तारिक़ सुनें, अत-तारिक़ अनुवाद, अत-तारिक़ mp3, अत-तारिक़ pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए