अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- नासियाह (नاصية): माथे के अगले हिस्से के बाल, जिसे पेशानी का अगला भाग भी कहते हैं। यहाँ इसका अर्थ है "माथे के बालों वाला व्यक्ति" यानी उसका स्वामी।
- काज़िबाह (काबिह): झूठ बोलने वाली।
- ख़ातिआह (खातिआ): गलती करने वाली, भूल करने वाली।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने उस ज़ालिम इंसान (अबू जहल) की मज़म्मत (निंदा) की है, जो रसूलुल्लाह ﷺ को नमाज़ पढ़ने से रोकता था। अल्लाह फ़रमाता है कि उसकी नासियाह (पेशानी) झूठी और गलतकार है। यानी जिस तरह उसकी ज़बान झूठ बोलती है और उसके काम गलत होते हैं, उसी तरह उसका पूरा सिर और चेहरा भी झूठ और गलती का प्रतीक है।
दरअसल, अल्लाह तआला यह बताना चाहता है कि यह व्यक्ति अपने पूरे वजूद के साथ झूठ और गलती पर क़ायम है। उसकी पेशानी जो उसके शरीर का सबसे ऊँचा और इज़्ज़त वाला हिस्सा है, वह भी झूठी है, क्योंकि वह हक़ (सत्य) के मुक़ाबले में झुकती नहीं, और वह गलतकार है क्योंकि वह बुराई और सरकशी के कामों में आगे रहती है।
यहाँ अल्लाह तआला ने "नासियाह" (पेशानी) को काज़िबा (झूठी) और ख़ातिआ (गलतकार) कहकर यह इशारा किया है कि जिस तरह यह पेशानी सजदे के लिए झुकने से इनकार करती है, वह झूठी है। और जो पेशानी अल्लाह के आगे सजदे में नहीं झुकती, उसका हर दावा झूठ है और हर काम गलती है।
इस आयत में एक बड़ी सीख है कि इंसान को चाहिए कि वह अपनी पेशानी अल्लाह के सामने सजदे में झुकाए, क्योंकि यही पेशानी क़यामत के दिन गवाही देगी। जो पेशानी सजदे से इनकार करती है, वह दुनिया में भी झूठी और गलतकार है और आख़िरत में भी उसका हाल बुरा होगा।
अल्लाह तआला हम सबको सजदे की तौफ़ीक़ दे, और हमारी पेशानियों को अपनी रज़ा के लिए झुकाने वाला बनाए। आमीन।
📜 आयत 14-18 — अल-अलक
अनुवाद — अल-अलक 16
सूरा अल-अलक आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : झूठे ख़तावार की पेशानी के पट्टेसूरा आयत 16/19 — अल-अलक العلق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अलक सुनें, अल-अलक अनुवाद, अल-अलक mp3, अल-अलक pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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