अल-अलक · 16/19
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-अलक
نَاصِيَةٍ كَاذِبَةٍ خَاطِئَةٍ ۝١٦
Nasiyatin kazi batin khaatiyah
📖 हिंदी अर्थ
झूठे ख़तावार की पेशानी के पट्टे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • नासियाह (नاصية): माथे के अगले हिस्से के बाल, जिसे पेशानी का अगला भाग भी कहते हैं। यहाँ इसका अर्थ है "माथे के बालों वाला व्यक्ति" यानी उसका स्वामी।
  • काज़िबाह (काबिह): झूठ बोलने वाली।
  • ख़ातिआह (खातिआ): गलती करने वाली, भूल करने वाली।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला ने उस ज़ालिम इंसान (अबू जहल) की मज़म्मत (निंदा) की है, जो रसूलुल्लाह ﷺ को नमाज़ पढ़ने से रोकता था। अल्लाह फ़रमाता है कि उसकी नासियाह (पेशानी) झूठी और गलतकार है। यानी जिस तरह उसकी ज़बान झूठ बोलती है और उसके काम गलत होते हैं, उसी तरह उसका पूरा सिर और चेहरा भी झूठ और गलती का प्रतीक है।

दरअसल, अल्लाह तआला यह बताना चाहता है कि यह व्यक्ति अपने पूरे वजूद के साथ झूठ और गलती पर क़ायम है। उसकी पेशानी जो उसके शरीर का सबसे ऊँचा और इज़्ज़त वाला हिस्सा है, वह भी झूठी है, क्योंकि वह हक़ (सत्य) के मुक़ाबले में झुकती नहीं, और वह गलतकार है क्योंकि वह बुराई और सरकशी के कामों में आगे रहती है।

यहाँ अल्लाह तआला ने "नासियाह" (पेशानी) को काज़िबा (झूठी) और ख़ातिआ (गलतकार) कहकर यह इशारा किया है कि जिस तरह यह पेशानी सजदे के लिए झुकने से इनकार करती है, वह झूठी है। और जो पेशानी अल्लाह के आगे सजदे में नहीं झुकती, उसका हर दावा झूठ है और हर काम गलती है।

इस आयत में एक बड़ी सीख है कि इंसान को चाहिए कि वह अपनी पेशानी अल्लाह के सामने सजदे में झुकाए, क्योंकि यही पेशानी क़यामत के दिन गवाही देगी। जो पेशानी सजदे से इनकार करती है, वह दुनिया में भी झूठी और गलतकार है और आख़िरत में भी उसका हाल बुरा होगा।

अल्लाह तआला हम सबको सजदे की तौफ़ीक़ दे, और हमारी पेशानियों को अपनी रज़ा के लिए झुकाने वाला बनाए। आमीन।



📜 आयत 14-18 — सूरा अल-अलक

14أَلَمْ يَعْلَم بِأَنَّ اللَّهَ يَرَىٰ
(तो नतीजा क्या होगा) क्या उसको ये मालूम नहीं कि ख़ुदा यक़ीनन देख रहा है
15كَلَّا لَئِن لَّمْ يَنتَهِ لَنَسْفَعًا بِالنَّاصِيَةِ
देखो अगर वह बाज़ न आएगा तो हम परेशानी के पट्टे पकड़ के घसीटेंगे
16نَاصِيَةٍ كَاذِبَةٍ خَاطِئَةٍ
झूठे ख़तावार की पेशानी के पट्टे
17فَلْيَدْعُ نَادِيَهُ
तो वह अपने याराने जलसा को बुलाए हम भी जल्लाद फ़रिश्ते को बुलाएँगे
18سَنَدْعُ الزَّبَانِيَةَ
(ऐ रसूल) देखो हरगिज़ उनका कहना न मानना
अल-अलककुरान सूची
19आयत
मक्कीअवतरण स्थान
16आयत

अनुवाद — अल-अलक 16

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Thursday, October 1, 2026

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