अल-अलक · 15/19
अनुवाद उच्चारण — अल-अलक
كَلَّا لَئِن لَّمْ يَنتَهِ لَنَسْفَعًا بِالنَّاصِيَةِ ۝١٥
Kalla la illam yantahi la nasfa`am bin nasiyah
📖 हिंदी अर्थ
देखो अगर वह बाज़ न आएगा तो हम परेशानी के पट्टे पकड़ के घसीटेंगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كَلاَّ: हरगिज़ नहीं, ऐसा नहीं है (रोकने और डाँटने के लिए)।
  • لَئِن لَّمْ يَنتَهِ: अगर वह बाज़ न आया (अपनी शरारत और सरकशी से)।
  • لَنَسْفَعًا: हम अवश्य पकड़ेंगे (सख्ती से)।
  • بِالنَّاصِيَةِ: पेशानी के बाल (माथे के अगले हिस्से) से।

विस्तृत तफ़सीर:

यह आयत उस सरकश और मुतकब्बिर इंसान (अबू जहल) की तरफ इशारा कर रही है, जो अल्लाह के नबी ﷺ को नमाज़ पढ़ने से रोकता था और उन्हें सताता था। अल्लाह तआला फ़रमाता है: "हरगिज़ नहीं! यह बात बिल्कुल ऐसी नहीं है जैसा यह समझता है। अगर यह शख्स अपनी ज़िद, सरकशी और नबी ﷺ को सताने से बाज़ न आया, तो हम उसे पेशानी के बालों से पकड़कर खींचेंगे और जहन्नुम में डाल देंगे।"

यह अल्लाह की तरफ से एक सख्त चेतावनी है — कि उसकी नसीया (पेशानी) झूठी और ख़ताकार है, यानी उसके माथे के बाल ही नहीं, बल्कि उसका पूरा सर झूठ और गुनाह में डूबा हुआ है। अल्लाह उसे ज़लील करके जहन्नुम की तरफ घसीटेगा।

इस आयत में अल्लाह तआला ने अपने नबी ﷺ को तसल्ली दी है और उनके दुश्मनों को धमकी दी है। यह बात हर ज़माने के मुसलमानों के लिए सबक़ है कि अल्लाह की राह में सब्र करें और अल्लाह पर भरोसा रखें। अल्लाह अपने नबी की हिफ़ाज़त करता है और उनके दुश्मनों को ज़लील करके रहेगा।

यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि नमाज़ अल्लाह के करीब होने का ज़रिया है। अल्लाह तआला फ़रमाता है: "नमाज़ पढ़ो और अपने रब के करीब हो जाओ।" नमाज़ ही वह चीज़ है जो इंसान को अल्लाह से जोड़ती है और उसे बुराइयों से रोकती है। जो लोग नमाज़ से रोकते हैं, वह अल्लाह के सबसे बड़े दुश्मन हैं।

अल्लाह तआला हम सबको नमाज़ की पाबंदी और अपने दीन पर साबित क़दम रहने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।



📜 आयत 13-17 — अल-अलक

13أَرَأَيْتَ إِن كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰ
भला देखो तो कि अगर उसने (सच्चे को) झुठला दिया और (उसने) मुँह फेरा
14أَلَمْ يَعْلَم بِأَنَّ اللَّهَ يَرَىٰ
(तो नतीजा क्या होगा) क्या उसको ये मालूम नहीं कि ख़ुदा यक़ीनन देख रहा है
15كَلَّا لَئِن لَّمْ يَنتَهِ لَنَسْفَعًا بِالنَّاصِيَةِ
देखो अगर वह बाज़ न आएगा तो हम परेशानी के पट्टे पकड़ के घसीटेंगे
16نَاصِيَةٍ كَاذِبَةٍ خَاطِئَةٍ
झूठे ख़तावार की पेशानी के पट्टे
17فَلْيَدْعُ نَادِيَهُ
तो वह अपने याराने जलसा को बुलाए हम भी जल्लाद फ़रिश्ते को बुलाएँगे
अल-अलककुरान सूची
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मक्कीRevelation
15आयत

अनुवाद — अल-अलक 15

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Tuesday, August 18, 2026

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