अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَلاَّ: हरगिज़ नहीं, ऐसा नहीं है (रोकने और डाँटने के लिए)।
- لَئِن لَّمْ يَنتَهِ: अगर वह बाज़ न आया (अपनी शरारत और सरकशी से)।
- لَنَسْفَعًا: हम अवश्य पकड़ेंगे (सख्ती से)।
- بِالنَّاصِيَةِ: पेशानी के बाल (माथे के अगले हिस्से) से।
विस्तृत तफ़सीर:
यह आयत उस सरकश और मुतकब्बिर इंसान (अबू जहल) की तरफ इशारा कर रही है, जो अल्लाह के नबी ﷺ को नमाज़ पढ़ने से रोकता था और उन्हें सताता था। अल्लाह तआला फ़रमाता है: "हरगिज़ नहीं! यह बात बिल्कुल ऐसी नहीं है जैसा यह समझता है। अगर यह शख्स अपनी ज़िद, सरकशी और नबी ﷺ को सताने से बाज़ न आया, तो हम उसे पेशानी के बालों से पकड़कर खींचेंगे और जहन्नुम में डाल देंगे।"
यह अल्लाह की तरफ से एक सख्त चेतावनी है — कि उसकी नसीया (पेशानी) झूठी और ख़ताकार है, यानी उसके माथे के बाल ही नहीं, बल्कि उसका पूरा सर झूठ और गुनाह में डूबा हुआ है। अल्लाह उसे ज़लील करके जहन्नुम की तरफ घसीटेगा।
इस आयत में अल्लाह तआला ने अपने नबी ﷺ को तसल्ली दी है और उनके दुश्मनों को धमकी दी है। यह बात हर ज़माने के मुसलमानों के लिए सबक़ है कि अल्लाह की राह में सब्र करें और अल्लाह पर भरोसा रखें। अल्लाह अपने नबी की हिफ़ाज़त करता है और उनके दुश्मनों को ज़लील करके रहेगा।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि नमाज़ अल्लाह के करीब होने का ज़रिया है। अल्लाह तआला फ़रमाता है: "नमाज़ पढ़ो और अपने रब के करीब हो जाओ।" नमाज़ ही वह चीज़ है जो इंसान को अल्लाह से जोड़ती है और उसे बुराइयों से रोकती है। जो लोग नमाज़ से रोकते हैं, वह अल्लाह के सबसे बड़े दुश्मन हैं।
अल्लाह तआला हम सबको नमाज़ की पाबंदी और अपने दीन पर साबित क़दम रहने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 13-17 — अल-अलक
अनुवाद — अल-अलक 15
सूरा अल-अलक आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : देखो अगर वह बाज़ न आएगा तो हम परेशानी के…सूरा आयत 15/19 — अल-अलक العلق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अलक सुनें, अल-अलक अनुवाद, अल-अलक mp3, अल-अलक pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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